नोएडा में सड़कों से हटेंगे साप्ताहिक बाजार? प्राधिकरण ने जाम से निपटने को बनाया नया प्लान
नोएडा शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए इन्हें अब पास के खाली मैदानों में शिफ्ट करने की योजना है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर अब कोई भी अवैध साप्ताहिक बाजार नहीं लगने दिया जाएगा।

नोएडा शहर में सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों को नियंत्रित किया जाएगा और अवैध बाजारों को नहीं लगने दिया जाएगा। सड़कों पर ट्रैफिक जाम में कमी लाने के लिए साप्ताहिक बाजारों को सड़कों से हटाकर खाली मैदान में लगवाया जाएगा। इससे सफाई व्यवस्था भी बेहतर रहेगी। इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। बाजार में दुकानदारों से एक निश्चित शुल्क भी लिया जाएगा।
साप्ताहिक बाजारों को नियंत्रित करने के लिए एक साल के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। दुकानदारों से शुल्क मिलने से प्राधिकरण को राजस्व भी मिलेगा।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य साप्ताहिक बाजारों के आसपास खाली जगह चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उदाहरण के तौर पर सेक्टर-22 चौड़ा मोड़ से सेक्टर-25ए मोदी मॉल की तरफ सोमवार बाजार लगता है। इससे जाम की समस्या बनी रहती है। ऐसे में इसको मोदी मॉल व एडोब के बराबर में खाली मैदान में लगवाया जा सकता है।
साप्ताहिक बाजारों के लिए नीति बनाने पर काम कर रहा प्राधिकरण
प्राधिकरण के ओएसडी इंदू प्रकाश सिंह ने बताया कि वर्तमान में कई सेक्टरों और मुख्य सड़कों के किनारे लगने वाले बाजारों के कारण लोगों को अधिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शाम होते ही जाम लगना शुरू हो जाता है। लोग सड़कों पर ही गाड़ियां खड़ी कर खरीदारी करने लगते हैं। इससे अन्य वाहन निकलते मुश्किल हो जाते हैं। इसके अलावा बाजार खत्म होने पर अगले दिन सड़कों पर जगह-जगह गंदगी भी फैल जाती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए प्राधिकरण साप्ताहिक बाजारों के लिए एक नीति बनाने पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में साप्ताहिक बाजारों का संचालन सीधे प्राधिकरण की निगरानी में कराया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा और चयनित ठेकेदार को बाजार संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
बसपा शासनकाल में बंद कर दिए गए थे बाजार
बता दें कि वर्ष 2010-11 में बसपा शासनकाल में शहर में साप्ताहिक बाजार लगने बंद हो गए थे। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो उस समय बसपा में सबसे ताकतवार नेताओं मे से एक नेता के परिवार के लोग सेक्टर-40-41 की तरफ जाम में फंस गए थे। जाम में फंसने का मामला इतना बड़ा हो गया कि नोएडा प्राधिकरण ने साप्ताहिक बाजार लगने बंद करा दिए थे।
साप्ताहिक बाजार के क्या फायदे
बता दें कि, साप्ताहिक बाजार भारतीय शहरों और कस्बों की अर्थव्यवस्था और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके कई फायदे होते हैं, जो न केवल ग्राहकों के लिए बल्कि छोटे व्यापारियों के लिए भी मददगार साबित होते हैं। इन बाजारों में सामान आमतौर पर मॉल या स्थायी दुकानों की तुलना में काफी सस्ता मिलता है। यहां रसोई के सामान, ताजी सब्जियां, फल, कपड़े, जूते, बर्तन और प्लास्टिक के घरेलू सामान एक ही जगह मिल जाते हैं। ग्राहकों को अलग-अलग चीजों के लिए अलग-अलग बाजारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।




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