जेवर एयरपोर्ट का ‘पार्किंग शॉक’; दिल्ली एयरपोर्ट पर ₹6900 तो नोएडा में ₹14500 है फीस
जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर आई एक खबर उन यात्रियों और एयरलाइंस के लिए चिंता का विषय है जो कम किराये की उम्मीद कर रहे थे। विमान पार्किंग में दोगुने का फीस में अंतर सीधे तौर पर टिकट की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट टिकट के साथ विमान पार्किंग फीस भी दिल्ली के आईजीआई की तुलना में दोगुना है। नोएडा एयरपोर्ट पर ए-321 जैसे विमानों की 6 घंटे तक के लिए पार्किंग फीस 14500 रुपये है। दिल्ली आईजीआई में यह फीस 6900 रुपये हैं। इसका असर यात्रियों पर पड़ेगा।
इंडिगो एयरलाइंस का 7 अप्रैल 2026 को एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (ऐरा) को भेजा गया पत्र सामने आया है। पत्र के अनुसार नोएडा एयरपोर्ट से उड़ने वाली घरेलू फ्लाइट के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस (यूडीएफ) 653 रुये तय की है, दिल्ली आईजीआई पर यह सिर्फ 129 रुपये है। यूडीएफ 406 फीसदी अतिरिक्त होने से इंडिगो को सालाना 103 करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। यही स्थिति लैंडिंग फीस की है। 100 टन से कम वजन वाले विमानों का नोएडा एयरपोर्ट पर चार्ज दिल्ली से 119 फीसदी ज्यादा है। ए-321 विमान की 6 घंटे का पार्किंग चार्ज नोएडा एयरपोर्ट पर 14500 रुपये है, जबकि दिल्ली में यही चार्ज 6900 रुपये और नवी मुंबई एयरपोर्ट पर 8000 रुपये है। इंडिगो ने अपने पत्र में दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में नोएडा की कनेक्टिविटी पर भी प्रश्न चिह्न खड़े किए हैं। एयरलाइंस ने नाइट पार्किंग नियमों पर भी आपत्ति जताई है। नोएडा एयरपोर्ट की ओर से कहा गया है कि टैरिफ रेट देश के दूसरे नए और पुराने एयरपोर्ट के समान हैं।
प्रवक्ता, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ''अंतिम टैरिफ ऐरा द्वारा टैरिफ ऑर्डर के रूप में जारी किए जाएंगे। अंतिम टैरिफ ऑर्डर जारी होने तक हमारे अगस्त 2025 में जारी हुए अस्थायी (एडहॉक) टैरिफ ही रेट लागू रहेंगे।''

अंतरराष्ट्रीय उड़ानें वर्ष के अंत तक शुरू हो सकेंगी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साल के आखिर तक ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय यात्री टर्मिनल निर्माणाधीन है। सितंबर तक इसका कार्य पूरा होगा। ऐसे में उड़ानें अक्टूबर से दिसंबर के बीच ही शुरू हो सकेगी।
दिल्ली एनसीआर के दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (डीएक्सएन) से घरेलू उड़ानों की समय सारिणी जारी हो चुकी हैं। 15 जून से जेवर के आसमान में विमानों की गरज सुनाई देने लगेगी। हालांकि, यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने में अभी और समय लगेगा। इसका कारण एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होना बताया गया है। यह कार्य सितंबर अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) की टीम एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों को परखेगी। यह जायजा एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य व्यवस्थाओं को परखने के लिए होगा। इसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के लिए मंजूरी मिल सकेगी।




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