नोएडा में मकान-दुकान खरीदना होगा और महंगा! संपत्ति की दरें 10% तक बढ़ाने की तैयारी
नोएडा शहर में संपत्तियों की आवंटन दर पांच से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी है। यह प्रस्ताव अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इतना ही नहीं, इस बार व्यावसायिक संपत्ति के रेट में भी बढ़ोतरी संभव है। नोएडा शहर में संपत्ति की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

नोएडा शहर में संपत्तियों की आवंटन दर पांच से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी है। यह प्रस्ताव अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इतना ही नहीं, इस बार व्यावसायिक संपत्ति के रेट में भी बढ़ोतरी संभव है। नोएडा शहर में संपत्ति की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने पिछले साल की तरह इस बार भी आवंटन दर में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर पिछले साल के आवंटन, सर्किल और बाजार रेट का सर्वे करा लिया गया है। शहर में प्राधिकरण के आवंटन रेट से बाजार रेट काफी अधिक है। इसको देखते हुए आवासीय, औद्योगिक और संस्थागत श्रेणी की संपत्ति में पांच से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है।
व्यावसायिक संपत्ति के रेट में कितनी होगी वृद्धि
पिछले चार-पांच साल से व्यावसायिक संपत्ति का आवंटन रेट नहीं बढ़ाया जा रहा था, लेकिन इस बार इस श्रेणी में करीब पांच प्रतिशत तक दर बढ़ाने की तैयारी है। पिछले साल 28 मार्च को हुई बोर्ड बैठक में आवंटन रेट बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। प्राधिकरण ने संपत्ति के हिसाब से पूरे शहर को ए प्लस, ए, बी, सी, डी और ई श्रेणी में विभाजित कर रखा है। अभी शहर में आवासीय भूखंड की ए प्लस श्रेणी में एक लाख 75 हजार और सबसे कम 51 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर आवंटन रेट हैं।
28 मार्च को होगा नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन
अधिकारियों ने बताया कि आवंटन रेट बढ़ने का असर प्राधिकरण में हस्तांतरण होने वाली संपत्ति के शुल्क पर भी पड़ेगा। ऐसे में जो लोग प्राधिकरण की संपत्ति खरीदे-बेचेंगे, उन्हें भी अधिक शुल्क देना होगा। अधिकारियों ने बताया कि जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ 28 मार्च को होगा। इसके बाद एक या दो अप्रैल को बोर्ड बैठक कराने की तैयारी है। बोर्ड बैठक नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के चेयरमैन एवं अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में होगी।

स्पोर्ट्स सिटी में वर्तमान दर पर जमीन मिलेगी
शहर के पांच सेक्टरों में स्थित स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं के आसपास अब भी करीब दो लाख वर्ग मीटर जमीन खाली है। प्राधिकरण अब इन जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा। प्राधिकरण वर्तमान रेट के हिसाब से जमीन का आवंटन करेगा। बिल्डर पुराने रेट के आधार पर जमीन लेना चाह रहे हैं। सेक्टर-150 और 152 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में सबसे ज्यादा जमीन है। अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-150 के एससी-2 भूखंड के लिए 13 लाख 29 हजार वर्ग मीटर जमीन का आवंटन हो चुका है। प्राधिकरण ने यह भूखंड एक बिल्डर को दिया था। बिल्डर ने आगे इस भूखंड को 24 छोटे टुकड़ों में छोटे बिल्डरों को बेच दिया। प्राधिकरण ने इनमें 13 भूखंड पर ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के नक्शे पास किए हुए हैं। इन परियोजनाओं के बीच में कई जगहों पर जमीन खाली पड़ी है।
2014 के समय की दरों पर जमीन मांग रहे बिल्डर
बिल्डरों की तरफ से इस जमीन की मांग प्राधिकरण से की गई है। बिल्डर वर्ष 2014 के समय की दरों पर जमीन मांग रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नई जमीन, जो भी दी जाएगी, वह वर्तमान रेट पर ही दी जाएगी। इस समय इस सेक्टर का आवंटन रेट करीब 47 हजार 200 रुपये वर्ग मीटर है। अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर में उपविभाजन के बाद, जो भूखंड निकाले गए हैं, उनके बीच-बीच में कई जगहों पर जमीन छूटी हुई है। छूटी जमीन का क्षेत्रफल इतना ज्यादा नहीं है कि उसे नए भूखंछ के तौर पर मान्यता दी जा सके। यह भूखंड लीड बिल्डर के तौर पर लोटस ग्रींस बिल्डर को आवंटित है। छूटी हुई जमीन की लीज भी नहीं हुई है। बिल्डरों ने परियोजना के साथ अतिरिक्त जमीन की मांग की है। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान रेट पर अगर बिल्डर मांगेंगे तो जमीन आंवटित की जाएगी। सेक्टर में कुछ जमीन का अभी अधिग्रहण नहीं हुआ है।
किसानों से प्राधिकरण का सामंजस्य नहीं बन पा रहा है या न्यायालय में केस चल रहा है। ऐसे प्रकरण में बिल्डर अगर समझौता कर किसानों से प्राधिकरण को जमीन दिलवाते हैं तो उसका आवंटन अतिरिक्त जमीन के मानक के अनरूप ही प्राधिकरण करेगा।




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