MP में 4 लेन सड़क को सिक्स लेन बनाने पर NHAI ने शुरू किया काम, जानिए किस रोड का होगा कायापलट
इस प्रोजेक्ट से NH-47 और प्रस्तावित इंदौर-वेस्टर्न बायपास को भी मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। साथ ही मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को भी बहुत फायदा होगा। इससे वहां लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और सप्लाई चेन बेहतर होगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-52 आगरा-मुंबई कॉरिडोर के एक महत्वपूर्ण हिस्से को 6-लेन बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम शुरू कर दिया है। लगभग 160 किलोमीटर लंबे इस इंदौर-खलघाट-सेंधवा-महाराष्ट्र सेक्शन के विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना के तहत भेरू घाट, बाकनेर घाट और बिजासन घाट सहित इस मार्ग पर आने वाले अन्य चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों को भी छह-लेन में अपग्रेड किया जाएगा।
NHAI ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि DPR का काम अभी चल रहा है और रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कई चरणों में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। प्राधिकरण ने बताया कि इस परियोजना को एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में डिजाइन किया जा रहा है, ताकि वाहनों के बढ़ते दबाव से निपटा जा सके और आने वाले वर्षों में सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
नया पुल भी बनेगा और सड़कों की खामियां भी दूर होंगी
प्रोजेक्ट के अंतर्गत खलघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी पर एक नया समानांतर पुल बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि मौजूदा पुल पर ट्रैफिक का बोझ कम किया जा सके और पूरे कॉरिडोर में छह-लेन पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से ट्रैफिक में सुधार, यात्रा के समय में कमी और अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी के मजबूत होने की उम्मीद है।
NHAI ने कहा कि पिछले चार-लेन के कार्यों के दौरान, सड़क का रिअलाइनमेंट, ढलान संतुलन, कैरिजवे के चौड़ीकरण और कई सुरक्षा उपायों जैसे कदमों से इन क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क सुरक्षा में पहले ही काफी सुधार हुआ था। प्रस्तावित छह-लेन विस्तार के तहत इन सुधारों को और बढ़ाया जाएगा।
इस मार्ग से 40 हजार वाहन गुजरते हैं रोजाना
बता दें कि NH-52 का यह हिस्सा आगरा-मुंबई कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो उत्तरी भारत को देश के पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों से और इंदौर व मुंबई जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ता है। यहां प्रतिदिन भारी माल-ढुलाई होती है और लगभग 40,000 वाहन प्रतिदिन इस कॉरिडोर से गुजरते हैं। प्रस्तावित 6-लेन अपग्रेड इस मार्ग को ज्यादा विश्वसनीय, सुरक्षित बनाएगा, साथ ही यहां लगने वाला समय भी कम होगा।
अथॉरिटी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत जरूरी होने पर भीड़भाड़ वाले कस्बों में बाईपास और सर्विस रोड बनाए जाएंगे। साथ ही प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि स्थानीय और राजमार्ग ट्रैफिक को अलग किया जा सके। इसके अलावा बिजासन घाट जैसे 'ब्लैकस्पॉट' (अत्यधिक दुर्घटना आशंकित क्षेत्र) की पहचान करते हुए वहां तीखे मोड़ों को फिर से डिजाइन करते हुए सुधारने, जल निकासी व्यवस्था में सुधार करने और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट से NH-47 और प्रस्तावित इंदौर-वेस्टर्न बायपास को भी मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। साथ ही मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को भी बहुत फायदा होगा। इससे वहां लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और सप्लाई चेन भी बेहतर होगी।




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