नए नोएडा के किसान होंगे मालामाल! जानें जमीन अधिग्रहण पर किस रेट का मिलेगा मुआवजा
New Noida News : नोएडा प्राधिकरण द्वारा दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर बसाए जाने वाले नए नोएडा के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण ने यीडा क्षेत्र के बराबर दरें तय की हैं।

New Noida News : नोएडा प्राधिकरण द्वारा दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर बसाए जाने वाले नए नोएडा के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण ने यीडा क्षेत्र के बराबर दरें तय की हैं। प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन का अधिग्रहण होगा। जमीन अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण ने 1000 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। यह निर्णय सोमवार को हुई प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया गया।
कागजों में नए नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद-विशेष निवेश क्षेत्र का नाम दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों से आपसी सहमति से जमीन लेने का प्रयास किया जाएगा। यूपी कैबिनेट से मंजूरी के बाद पिछले डेढ़ साल से ज्यादा समय से यहां की जमीन के लिए मुआवजा दरें तय करने का इंतजार था। यीडा की मौजूदा दरें 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर हैं। अब मुआवजा दरें तय होने के बाद यीडा इस निवेश क्षेत्र में किसानों से समझौते के आधार पर जमीन अधिग्रहण और विकास कार्य शुरू होने हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अब जमीन अधिग्रहण के लिए जल्द टीम का गठन किया जाएगा। नए नोएडा को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा के पास है। इसके मास्टर प्लान-2041 को यूपी कैबिनेट ने 18 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी थी। नए नोएडा में प्राधिकरण मौके पर अस्थायी दफ्तर की जमीन देखा चुका है। अब तक मुआवजा दरों पर मंथन चल रहा था। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत के लिए अस्थाई दफ्तर को जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन दफ्तर के लिए ली जाएगी। नए नोएडा को चार चरण में बसाया जाना है। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 3798 , तीसरे चरण में 5908, चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लक्ष्य के हिसाब से तैयारी पिछड़ी हुई है। पहला चरण 2027 में पूरा करना था। वहीं चौथा चरण 2041 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा में आवंटन दरें अभी नहीं बढ़ेंगी
नोएडा में पांच से दस प्रतिशत तक आवंटन दरें बढ़ाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा गया था। बैठक में इस पर मुहर नहीं लग सकी। वहीं, बोर्ड के सदस्यों ने इस मामले में और अध्ययन करने को कहा।
मकान के लिए अधिभोग प्रमाण पत्र लेने का अंतिम तीन महीने का मौका
ऐसे आवंटी जिन्होंने 12 साल से अधि समय बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण पूरा कर अधिभोग प्रमाण पत्र नहीं लिया है। ऐसे आवंटियों को सशुल्क समय विस्तार के लिए अंतिम मौका देने का निर्णय लिया गया। ऐसे आवंटियों को कार्यालय आदेश जारी होने के बाद अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने को तीन महीने का समय दिया जाएगा।
अब एक समिति ही जांचेगी भूखंड पर नियमों का उल्लंघन
जिस प्रयोग के लिए भूखंड आवंटित किया गया है, अगर उसमें दूसरे उपयोग का काम हो रहा है तो इसको लेकर प्राधिकरण नोटिस जारी करता है। नोटिस के बाद अगर आवंटी उसे सही भी कर लेता है तब तक भी उस नोटिस को वापस लेने की प्रक्रिया दो अलग-अलग समिति के जरिए होती है।अब सिर्फ एक समिति के जरिए ही नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया कराने का निर्णय लिया गया है।
हरित कूड़े का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति से होगा
शहर से रोजाना करीब 100 टन हरित कूड़ा निकलता है। गड्ढा खोदकर इसका निस्तारण पूरी तरीके से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में 100 प्रतिशत कूड़े को वैज्ञानिक रूप से निस्तारित करने के लिए ईओआई जारी करने का निर्णय लिया गया।
गांवों में भवन विनियमावली के लिए समिति बनेगी
नवीन ओखला आौद्योगिक विकास क्षेत्र भवन विनियमावली 2016 के अंतर्गत गांवों से नक्शा मंजूर करने का कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इसमें संशोधन की मांग की जा रही है। मामले में बैठक में ग्रेनो और यमुना क्षेत्र से भी प्रतिनिधि शामिल करते हुए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
दलित प्रेरणा स्थल की मरम्मत पर 107 करोड़ खर्च होंगे
सेक्टर-95 में बने राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन में सिविल संबंधी मरम्मत व बिजली के काम कराए जाने प्रस्तावित हैं। इस पर आने वाले खर्च 107 करोड़ 77 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। अब यह पैसा प्राधिकरण खर्च करेगा। अभी तक मरम्मत पर पैसा शासन स्तर पर बनी समिति खर्च करती थी।
मिश्रित लैंड यूज पॉलिसी में शुल्क पांच गुना महंगा
आवासीय और औद्योगिक भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधियों को मंजूरी देने के लिए मिक्स लैंड यूज पॉलिसी के तहत बैठक में पांच गुना शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अभी सेक्टर के आवासीय/औद्योगिक/व्यावसायिक दरों के अंतर का 10 फीसदी शुल्क देना होता है। यह शुल्क जमा करने के बाद 24 मीटर या इससे चौड़ी सड़क किनारे के भूखंड पर निर्माण योग्य जगह का 25 फीसदी उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने की स्वीकृति प्राधिकरण देता है। सेक्टर की व्यावसायिक आवंटन दर तथा आवासीय आवंटन दर के अंतर का 50 फीसदी एवं औद्योगिक भूखंडों में संबंधित सेक्टर की व्यावसायिक आवंटन दर तथा औद्योगिक आवंटन दर से 25 फीसदी धनराशि एक साथ मुश्त लेने का प्रस्ताव पास किया गया।
पानी के बकायेदारों को भी ब्याज में राहत मिलेगी
पानी के बकायेदारों को भी राहत देने के लिए प्राधिकरण ऐमनेस्टी योजना लेकर आया है। इसके तहत तीन महीने के अंदर बकाया जमा करने पर लोगों को ब्याज में छूट दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 16 अप्रैल से 15 मई तक भुगतान करने पर ब्याज में 40 प्रतिशत, 16 मई से 15 जून तक जमा करने पर 30 प्रतिशत और 16 जून से 15 जुलाई तक बकाया जमा करने पर ब्याज में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इस दौरान बकाया जमा नहीं करने वालों से बाद में ब्याज सहित पूरी राशि ली जाएगी।
4300 फ्लैट की रजिस्ट्री, 800 करोड़ रुपये जमा
ग्रुप हाउसिंग की परियोजनाओं में फ्लैट खरीदारों को राहत दिलाने के लिए अमिताभ कांत समिति के अंतर्गत बिल्डरों के लिए दिसंबर 2023 में एक राहत पैकेज लेकर आ गया था। इस पैकेज के अंतर्गत बिल्डरों को कोविड काल के दौरान वर्ष 2020 से 2022 तक बकाये में छूट दी गई। इससे उनका बकाया कम हो गया। अब तक 57 में से 36 परियोजनाओं के 4364 फ्लैट की रजिस्ट्री हो चुकी है। बिल्डरों ने 800 करोड़ जमा कर दिए हैं।इसके अंतर्गत बिल्डरों को आठ हजार करोड़ रुपये जमा करने हैं और 20 हजार से अधिक फ्लैट की रजिस्ट्री होनी बाकी है।




साइन इन