noida authority sports city flats registry approved 84 projects 40000 homebuyers relief नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 84 प्रोजेक्ट से रोक हटी; 40 हजार फ्लैट खरीदारों का इंतजार खत्म, रजिस्ट्री का रास्ता साफ, Ncr Hindi News - Hindustan
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नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 84 प्रोजेक्ट से रोक हटी; 40 हजार फ्लैट खरीदारों का इंतजार खत्म, रजिस्ट्री का रास्ता साफ

Noida News : नोएडा प्राधिकरण की सोमवार को हुई 222 वीं बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी के चार भूखंडों की 84 परियोजनाओं में काम शुरू होने के साथ रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है। इस फैसले से 40 हजार से अधिक खरीदारों को फ्लैट मिलने और रजिस्ट्री होने का रास्ता खुल गया है। 

Tue, 7 April 2026 06:40 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नोएडा
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नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 84 प्रोजेक्ट से रोक हटी; 40 हजार फ्लैट खरीदारों का इंतजार खत्म, रजिस्ट्री का रास्ता साफ

Noida News : नोएडा प्राधिकरण की सोमवार को हुई 222 वीं बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी के चार भूखंडों की 84 परियोजनाओं में काम शुरू होने के साथ रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है। इस फैसले से 40 हजार से अधिक खरीदारों को फ्लैट मिलने और रजिस्ट्री होने का रास्ता खुल गया है। हालांकि, बिल्डरों की ओर से बकाया रकम जमा करने के बाद ही रजिस्ट्री हो सकेगी।

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि स्पोर्ट्स सिटी की जिन परियोजनाओं में काम हो चुका है और खेल सुविधाएं भी तैयार कर ली गई हैं, ऐसे में उन बिल्डरों को बकाया जमा करने के लिए एक से तीन साल का समय दिया जाएगा। बिल्डरों को कुल बकाये में से अभी 20 प्रतिशत और बाकी 80 प्रतिशत राशि तीन साल के अंदर जमा करनी होगी। बकाया मिलना शुरू होते ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित ले-आउट प्लान उन्हीं बिल्डरों का मंजूर होगा, जो खेल सुविधाएं विकसित करने की पूरी योजना बताएंगे। खेल सुविधाएं विकसित होने पर ही अधिभोग प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े मामले में 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

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तीस फीसदी जमीन पर ही निर्माण : सेक्टर-150 के एससी-02 भूखंड का जो संशोधित ले-आउट प्लान मंजूर किया गया है, उनमें 70 प्रतिशत हिस्से की जमीन को खुली और हरित रखा जाएगा। तीस फीसदी जमीन पर ही निर्माण हो सकेगा।

इसलिए लगाई गई थी परियोजनाओं पर रोक

वर्ष 2021 में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े कामों की मंजूरी देने पर रोक लगाने के पीछे सबसे मुख्य वजह बिल्डरों द्वारा खेल सुविधाएं विकसित नहीं करना था। भूखंड आवंटन के नियमों के तहत बिल्डरों को फ्लैट और व्यावसायिक चीजें बनाने से पहले खेल सुविधाएं बनानी थी, लेकिन मुनाफे के लिए बिल्डरों ने पहले फ्लैट बना दिए। इससे परियोजना को मूल स्वरूप बिगड़ता जा रहा था। इसके अलावा सीएजी ने जांच में स्पोर्ट्स सिटी में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का घोटाला होना बताया था।

सेक्टर-150 के एक भूखंड का ले-आउट मंजूर

बोर्ड बैठक में सेक्टर-150 के एससी-02 के संशोधित ले-आउट प्लान को मंजूरी दे दी गई। इस सेक्टर में 13 लाख 29 हजार 745 वर्ग मीटर जमीन है। इसमें से 29 प्वाइंट 47 प्रतिशत के हिसाब से यानी 3 लाख 91 हजार 930 वर्ग मीटर जमीन पर ग्रुप हाउसिंग के तहत फ्लैट बन सकेंगे। अब इस सेक्टर में परियोजनाओं के नक्शे मंजूरी के लिए आएंगे, जिसके बाद निर्माण शुरू हो सकेगा। इस भूखंड का मुख्य आवंटी मैसर्स लोटस ग्रीन्स है।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित होंगी

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित होंगी। क्रिकेट स्टेडियम, गोल्फ कोर्स, टेनिस सेंटर, स्वीमिंग ट्रैक, मल्टी पपर्ज मैदान के अलावा स्कूल, अस्पताल भी होंगे। बिल्डरों को खेल सुविधाएं तीन साल में बनानी होंगी, जबकि अगले दो साल यानि पांच साल में ग्रुप हाउसिंग के तहत फ्लैट बनाने होंगे। इससे साफ है कि बिल्डरों को पहले खेल सुविधाएं तैयार करनी होंगी।

सभी स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं से रोक हटाने का प्राधिकरण का अच्छा निर्णय है। इससे 40 हजार खरीदारों को फायदा होगा। अकेले सेक्टर-150 के भूखंड संख्या-2 के आठ हजार फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है। -दिनेश कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, क्रेडाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश

एक मुश्त समाधान योजना आएगी

नोएडा को बसे हुए इस 17 अप्रैल को 50 साल हो जाएंगे। स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर बकायेदारों को राहत देने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि परिसंपत्ति विभागों जैसे ग्रुप हाउसिंग, आवासीय भवन, व्यावसायिक, संस्थागत, औद्योगिक, आईटी-आईटीईएस, सामान्य प्रशासन विभागों के लिए एक मुश्त समाधान योजना 2026 को मंजूरी दी गई। शासन से मार्ग दर्शन के उपरांत इसे लागू किया जाएगा। इन संपत्ति पर 35 हजार करोड़ से अधिक बकाया हैं।

आपदा से बचाव के लिए 154 करोड़ रुपये मंजूर

करीब ढाई महीने पहले सेक्टर-150 में पानी में डूबने से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद पर्याप्त संसाधन नहीं होने को लेकर सवाल उठे थे। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने इस बार आपदा की स्थिति में 154 करोड़ रुपये की लागत से रोबोट समेत अन्य उपकरण खरीदने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बताया कि बहुमंजिला भवन में अग्निकांड, रेस्क्यू, भूकंप की दृष्टिगत नोएडा सेसमिक जोन-4 में आता है।

दिनेश कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, क्रेडाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ''सभी स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं से रोक हटाने का प्राधिकरण का अच्छा निर्णय है। इससे 40 हजार खरीदारों को फायदा होगा। अकेले सेक्टर-150 के भूखंड संख्या-2 के आठ हजार फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है।''

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