खाना तक नहीं निगल पाती थी, दुर्लभ कैंसर से जूझ रही लड़की को दिल्ली के डॉक्टरों ने दिया नया जीवन
14 साल की लड़की एक बेहद दुर्लभ और आक्रामक कैंसर के कारण खाना निगलने में असमर्थ हो गई थी, उसे दिल्ली के मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका में सफल इलाज के बाद नई जिंदगी मिली है।

14 साल की लड़की एक बेहद दुर्लभ और आक्रामक कैंसर के कारण खाना निगलने में असमर्थ हो गई थी, उसे दिल्ली के मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका में सफल इलाज के बाद नई जिंदगी मिली है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची को Signet Ring Cell Carcinoma नामक कैंसर था। ये कैंसर फूड पाइप (ग्रासनली) और पेट के मिलन बिंदु यानी गैस्ट्रो-ओसोफेजियल जंक्शन (GE Junction) पर बनना शुरू हुआ था। इस बीमारी के कारण उसकी रोजमर्रा की जिंदगी और खाना पचाने पर गंभीर असर पड़ा था।
बच्चों में बेहद कम मिलता है
जांच के लिए अस्पताल लाए जाने पर डॉक्टरों ने बायोप्सी समेत कई डायग्नोस्टिक टेस्ट किए। इसके बाद पता चला कि लड़की को दुर्लभ कैंसर है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह का कैंसर बच्चों में बेहद कम देखने को मिलता है और इसके स्पष्ट कारण भी अक्सर सामने नहीं आते हैं।
जल्द इलाज नहीं होता, तो बढ़ती मुश्किल
बीमारी की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द इलाज को आगे बढ़ाना तय किया गया। लड़की की सर्जरी से पहले पांच बार कीमोथेरेपी की गई। इसकी मदद से ट्यूमर को कंट्रोल करने में काफी मदद मिली। इसके बाद ऑन्कोलॉजी टीम ने हाईटेक रोबोटिक सर्जरी के जरिए पेट के बीमार हिस्से और आसपास के लिंफ नोड्स को शरीर से अलग कर दिया।
ऑपरेशन को लीड कर रहे डॉ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह के कैंसर का समय पर इलाज न किया जाए तो यह तेजी से फैल सकता है और स्थिति बेहद भयानक हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्री-सर्जरी कीमोथेरेपी के प्रति मरीज काफी पॉजिटिव थी, इसके चलते सर्जरी को आसानी से किया जा सका।
रोबोट के जरिए सटीकता से की गई सर्जरी
वहीं, डॉ सैय्यज आसिफ ने बताया कि Signet Ring Cell Carcinoma गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर का एक आक्रामक प्रकार है और GE जंक्शन जैसे जटिल हिस्से में इसका इलाज करना चुनौतीपूर्ण होता है। डॉक्टरों के मुताबिक, रोबोटिक सर्जरी से सटीकता बढ़ती है, जिससे ट्यूमर हटाने के साथ-साथ शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अस्पताल के अनुसार, बच्ची ने इलाज के दौरान असाधारण साहस दिखाया और अब उसकी हालत में सुधार हो रहा है। वह धीरे-धीरे दोबारा खाना खाने में सक्षम हो रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी रिकवरी जारी है।




साइन इन