नीट-यूजी 2026 रद्द किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
प्रश्न पत्र लीक होने के बाद NEET-UG 2026 रद्द करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने एनटीए में बदलाव की मांग की है और परीक्षा दोबारा कराने की याचिका दायर की है। याचिका में केंद्र सरकार से एनटीए की जगह नई संस्था बनाने का भी आग्रह किया गया है।

प्रश्न पत्र लीक होने के बाद एमबीबीएस व अन्य स्नातक स्तरीय मेडिकल पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 रद्द किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में बड़े पैमाने पर बदलाव करने और परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है। याचिका में, एनटीए पर लगातार समुचित व साफ सुथरी तरीके से मेडिकल प्रवेश परीक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया है। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में एफएआईएमए ने कोर्ट की निगरानी में दोबारा से नीट-यूजी कराने की मांग की है।
याचिका में केंद्र सरकार को नीट आयोजित करने के लिए एनटीए की जगह एक अधिक प्रवाभी और तकनीकी रूप से उन्नत और स्वायत्त संस्था बनाने का आदेश देने की मांग की है या फिर एनटीए में ही व्यापक बदलाव करने का आदेश देने की मांग की है। याचिका अधिवक्ता तान्या दुबे के जरिए दाखिल की गई है। याचिका में फेडरेशन ने अदालत से यह भी मांग की है कि वह न्यायिक रूप से नियुक्त एक उच्च-स्तरीय समिति की कड़ी देखरेख में नीट यूजी 2026 का आयोजित करने का आदेश दिया जाए।
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