NEET UG : NTA हटाकर कोर्ट की निगरानी में हो नीट परीक्षा, लगे डिजिटल सील, सुप्रीम कोर्ट में की गईं ये 7 मांगें
नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर परीक्षा एजेंसी एनटीए को हटाकर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम को को न्यायिक निगरानी में दोबारा आयोजित करने की मांग की गई है।

नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर परीक्षा एजेंसी एनटीए को हटाकर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम को को न्यायिक निगरानी में दोबारा आयोजित करने की मांग की गई है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने नीट यूजी को 'सिस्टेमैटिक फेलियर' बताते हुए एनटीए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। मेडिकल एसोसिएशन ने याचिका में एनटीए को हटाकर एक अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम संस्था बनाने तथा परीक्षा को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा आयोजित करने की मांग की गई है।
नीट यूजी परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर FAIMA द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका की मुख्य मांगें हैं-
1- एनटीए (NTA) को हटाना और नई संस्था का निर्माण: याचिकाकर्ताओं ने एनटीए की कार्यप्रणाली को लापरवाही भरा बताया है। अदालत से गुहार लगाई गई है कि एनटीए को हटाया जाए या फिर उसका पुनर्गठन किया जाए। इसके स्थान पर एक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत नई संस्था बनाई जाए ताकि व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा लौट सके।
2. परीक्षा दोबारा न्यायिक निगरानी में हो
याचिका में नीट यूजी 2026 की परीक्षा को दोबारा कराने की मांग की गई है। साथ ही यह अपील की गई है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए पूरी परीक्षा प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में आयोजित करवाई जाए। FAIMA ने मांग की है परीक्षा की निगरानी एक हाईपावर कमेटी करे। इस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को दी जाए।
3. संगठन ने याचिका में सुझाव दिया है कि हाईपावर कमेटी में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, फॉरेंसिक वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बन सके।
4. प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल सील
याचिकाकर्ता की वकील तनवी दुबे के अनुसार, परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए यह मांग की गई है कि पेपर्स की सुरक्षा के लिए उन पर डिजिटल सील लगाई जाए।
5. दोषियों पर सख्त और त्वरित कार्रवाई
याचिका में यह मांग की गई है कि इस धांधली के पीछे जिसका भी हाथ हो, चाहे वह कितना भी ऊंचे ओहदे पर हो या राजनीतिक रसूखदार हो, उन सभी के खिलाफ शीघ्र, त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि ऐसे लोगों का मनोबल न बढ़े।
6. सीबीटी मॉड में हो एग्जाम
NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मॉडल पर कराने की भी मांग की है।
7. NEIC बने
एक नए संस्थान नेशनल एग्जाम इंटीग्रिटी कमीशन यानी NEIC बनाने की भी मांग की गई है। FAIMA का कहना है कि देश में होने वाली बड़ी परीक्षाओं की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र आयोग होना चाहिए जो परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करे।




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