नया इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है संसद : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की घोषणा की, जो संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण को सुनिश्चित करेगा। यह अधिनियम 2023 में पारित हुआ है और इसे 2029 तक लागू करने का लक्ष्य है। मोदी ने इसे महिलाओं के सशक्तीकरण और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है, जो न केवल अतीत के संकल्पों को साकार करेगा, बल्कि भविष्य के लक्ष्यों को भी दिशा देगा। दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक लेने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की नारी शक्ति को समर्पित है और इससे भारतीय लोकतंत्र एक नए युग में प्रवेश करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ऐसा राष्ट्र बन रहा है, जहां सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं, बल्कि शासन और निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा बन रहा है।प्रधानमंत्री
ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग पिछले चार दशकों से उठती रही है। वर्ष 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था और इसे वर्ष 2029 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 16, 17 और 18 अप्रैल को इस विषय पर संसद के विशेष सत्र के दौरान चर्चा और आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस बार भी संवाद, सहयोग और सहभागिता के माध्यम से संसद नई ऊंचाइयों को छुएगी।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे यहां किसी को उपदेश देने नहीं, बल्कि देशभर से आई महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने सभी महिलाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह समय देश में एक नए युग के आगमन का संकेत है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं कार्य कर रही हैं, जो भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। करीब 21 राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो विश्व के लिए भी एक उल्लेखनीय उदाहरण है।प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि जनधन योजना के तहत 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं। मुद्रा योजना में 60 प्रतिशत से अधिक ऋण महिलाओं को दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और 42 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक है।प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न अध्ययनों में यह सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनती है। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगा।मोदी के संकल्प ने महिला आरक्षण कानून को हकीकत में बदला : अन्नपूर्णा देवी :केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस अवसर पर कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के सशक्तीकरण और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी के लिए एक महान लोकतांत्रिक उपलब्धि और एक क्रांतिकारी बदलाव है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र निर्माण के एक नए और प्रेरणादायी अध्याय का उत्सव है। यह ऐसा पवित्र क्षण है, जब संकल्प, समर्पण और सफलता हमारे सामने एक साथ खड़े हैं।70 करोड़ महिलाओं के सशक्त नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त होगा : रेखा गुप्ता :सम्मेलन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राज्य विधानमंडलों और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सिर्फ एक विधायी सुधार नहीं है, बल्कि यह देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के लिए सशक्त नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम से देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन