मौसम: राजधानी में तेज हवा और बारिश दर्ज की गई, आज भी यलो अलर्ट
- आज के लिए भी मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट मौसम: राजधानी में तेज हवा और बारिश दर्ज की गई, आज भी यलो अलर्ट

- पिछले पांच वर्षों में सबसे स्वच्छ रहा मई का महीना
-सबसे अधिक बारिश शाम को राजघाट पर 20.5 मिमी दर्ज की गई
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
राजधानी में शनिवार शाम को दिल्ली और एनसीआर में तेज आंधी और बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिनभर की उमस और गर्मी के बीच शाम को चली तेज हवाओं और हुई बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने रविवार को भी यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को भी तेज हवा और गरज चमक के साथ सुबह और शाम को हल्की बारिश आने की संभावना है। हालांकि उसके तीन दिन बाद राजधानी के तापमान में फिर बदलाव होगा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान बढ़ने के संकेत हैं।
मौसम की स्थिति
शनिवार को आया नगर में बारिश के कारण न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। लेकिन राजधानी में शाम 5.30 बजे तक सबसे अधिक बारिश राजघाट पर 20.5 मिमी दर्ज की गई। हालांकि हवा की गति सबसे अधिक पालम में 70 किलो मीटर प्रतिघंटा रही।
शनिवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शाम 5:30 बजे तक सफदरजंग में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और यह भी सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस कम था। बारिश के कारण नमी के स्तर में भी बदलाव हुआ है। नमी का अधिकतम स्तर 76 फीसद जबकि न्यूनतम स्तर 32 फीसद दर्ज किया गया।
तापमान का रिकॉर्ड
पालम में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था। वहीं लोधी रोड में 36.6 डिग्री, रिज क्षेत्र में 37.3 डिग्री और आया नगर में 35.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन सभी केंद्रों पर तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।
शाम के समय तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। आया नगर में सुबह 8:30 बजे तक 11.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई जबकि शाम 5.30 बजे तक वहां मात्र 0.2 मिमी बारिश हुई। सफदरजंग में 0.9 मिमी, लोधी रोड में 3.8 मिमी और रिज क्षेत्र में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पालम में भी बूंदाबांदी दर्ज की गई।
हवा की गति
आंधी के दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं। पालम में हवा की अधिकतम गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई, जबकि प्रगति मैदान में 59 किलोमीटर प्रति घंटा और पूसा में 54 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बारिश का यह दौर देखने को मिला है। इसके कारण तापमान में कमी आई है और लोगों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिली है। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग ने रविवार को अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। गरज चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 60 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से राजधानी में कई जगहों पर हवा चल सकती है।
राजधानी में विभिन्न जगहों पर हवा की गति
सफदरजंग- हवा की गति: 38 किमी/घंटा (समय: 4:15 बजे शाम)
पालम -हवा की गति: 70 किमी/घंटा (समय: 4:02 बजे शाम)
लोधी रोड - हवा की गति: 33 किमी/घंटा (समय: 4:30 बजे शाम)
पूसा- हवा की गति: 54 किमी/घंटा (समय: 4:30 बजे शाम)
मयूर विहार- हवा की गति: 33 किमी/घंटा (समय: 4:15 बजे शाम)
प्रगति मैदान - हवा की गति: 59 किमी/घंटा (समय: 4:30 बजे शाम)
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पांच वर्षों में सबसे स्वच्छ रहा मई का महीना
राजधानी दिल्ली में शनिवार को चली तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश ने न केवल लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई, बल्कि वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
मौसम में आए बदलाव का असर राजधानी की हवा पर भी दिखाई दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शनिवार शाम चार बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 85 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है। शुक्रवार को इसी समय यह 123 था, जो 'मध्यम' श्रेणी में था। मई महीने में यह चौथा दिन रहा जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में पहुंची। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के आंकड़ों के अनुसार मई 2026 दिल्ली का पिछले पांच वर्षों का सबसे स्वच्छ मई महीना साबित हुआ है। 29 मई तक के आंकड़ों के अनुसार इस महीने दिल्ली में तीन संतोषजनक, 20 मध्यम और केवल छह खराब वायु गुणवत्ता वाले दिन दर्ज किए गए। पूरे महीने का औसत एक्यूआई 161 रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बदलते मौसम, तेज हवाओं और बीच-बीच में हुई बारिश के कारण प्रदूषक कणों का स्तर कम हुआ, जिससे हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई।
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