NDMC plans to set up 8 sewage treatment plants, water will use for green cover of Delhi दिल्ली को हरा-भरा बनाए रखने NDMC की बड़ी तैयारी, इन इलाकों में बनाने जा रही 8 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली को हरा-भरा बनाए रखने NDMC की बड़ी तैयारी, इन इलाकों में बनाने जा रही 8 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगी और इसके लिए बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 15 अप्रैल तय की गई है, जबकि प्री-बिड मीटिंग 1 अप्रैल को होगी।

Thu, 26 March 2026 08:27 PMSourabh Jain पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली को हरा-भरा बनाए रखने NDMC की बड़ी तैयारी, इन इलाकों में बनाने जा रही 8 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

राष्ट्रीय राजधानी के लुटियंस जोन को और अधिक हरा-भरा बनाने और ताजे पानी की बर्बादी रोकने के लिए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके लिए शहर में आठ विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित करने के लिए NDMC ने बोलियां मंगाई हैं। जिसका मकसद ट्रीट किए गए पानी का इस्तेमाल बागवानी, फव्वारों और जल निकायों के लिए करना है। इन प्लांट्स के लग जाने से इन कामों के लिए ताजे पानी पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

इस काम के लिए मंगलवार को जारी RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) में दी गई जानकारी के अनुसार ये STP शहर के शांति पथ, लोधी गार्डन, संजय लेक पार्क और तालकटोरा गार्डन जैसे प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे और इनकी क्षमता 500 से 1,000 किलोलीटर प्रति दिन (KLD) के बीच होगी। अधिकारियों ने बताया कि ताजे पानी की सीमित उपलब्धता के बीच शहर की हरियाली को बनाए रखने के लिए सीवेज के उपचारित पानी का उपयोग एक स्थायी समाधान साबित होगा।

12 साल तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी होगी

अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगी और इसके लिए बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 15 अप्रैल तय की गई है, जबकि प्री-बिड मीटिंग 1 अप्रैल को होगी। टेंडर दस्तावेज में दी गई शर्तों के अनुसार सफल बोलियों के बाद चुने गए निजी डेवलपर इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे और 12 साल तक STP के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।

बोली लगाने वालों को खुद पेश करने होंगे वित्तीय मॉडल

टेंडर दस्तावेज में प्रोजेक्ट की कोई तय लागत नहीं बताई गई है, क्योंकि बोली लगाने वालों को अपने खुद के वित्तीय मॉडल पेश करने होंगे। हालांकि, बोली लगाते समय शुरुआती सुरक्षा जमा राशि 10 लाख रुपए तय की गई है, और बोली लगाने वाले को 40 लाख रुपए की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी भी जमा करनी होगी।

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सबसे कम दर के आधार पर दिया जाएगा टेंडर

रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल दस्तावेज में कहा गया है कि टेंडर का मूल्य असल में प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए तय किया जाएगा। यह बोली लगाने वालों द्वारा बताई गई सबसे कम 'ट्रीटेड वॉटर रेट' (उपचारित पानी की दर) पर आधारित होगी, जो रियायत पाने वाले को चुनने का आधार बनेगी।

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जल संरक्षण की दिशा में होगा बड़ा कदम

NDMC जो शहर में रहने वाले लगभग 3.5 लाख लोगों और रोजाना यहां आने जाने वाली लगभग 15 लाख की आबादी को सेवा देती है। ऐसे में ताजे पानी को केवल पीने और घरेलू कार्यों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह प्रोजेक्ट लाया गया है। परिषद को उम्मीद है कि इस कदम से न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि राजधानी की पर्यावरणीय स्थिरता भी मजबूत होगी।

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