गुड न्यूज; नोएडा सेक्टर-62 के गोलचक्कर पर जाम से मिलेगी निजात, बनेगा स्काईवॉक
नोएडा के सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोलचक्कर पर स्काईवॉक बनेगा। यह डेढ़ साल में तैयार होगा। इसमें लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा होगी जिससे दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के पैदल यात्रियों को जाम से राहत और सुरक्षित सफर मिलेगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोलचक्कर पर स्काईवॉक बनाया जाएगा। यह जीरो आकार में बनाया जाएगा। इससे मॉडल टाउन गोलचक्कर पर जाम कम होगा। स्काईवॉक बनाने के लिए बुधवार को शिलान्यास हुआ। यह करीब डेढ़ साल में बनकर तैयार होगा।
कितनी आएगी लागत?
इस स्काईवॉक को बनाने में सिविल के काम पर 26 करोड़ 34 लाख और बिजली के काम पर करीब 8 करोड़ का खर्चा आएगा। स्काईवॉक को बनाने में करीब 34 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
कितना विशाल होगा यह स्काईवॉक?
यह स्काईवॉक 530 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा होगा। इसमें दो जगह एस्कीलेटर व दो जगह लिफ्ट लगाई जाएगी। इसका निर्माण एसटी कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। निर्माण एजेंसी सबसे पहले पिलर की पाइलिंग का काम शुरू करेगी। इसका निर्माण एमएस स्ट्रक्चर से किया जाएगा।
इन लोगों को होगा बड़ा लाभ
नोएडा के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया स्काईवॉक बन जाने से नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली, इंदिरापुरम व दिल्ली की ओर आने वाले पैदल लोगों को सुविधा मिलेगी। इससे लोगों का सफर भी सुरक्षित रहेगा। अभी इस गोलचक्कर पर पैदल लोगों का आवागमन काफी है। इससे जाम की समस्या भी होती है।
चार जगहों पर एंट्री एक्जिट
महाप्रबंधक ने बताया कि इस स्काईवॉक पर चार स्थानों पर चढ़ने-उतरने की व्यवस्था रहेगी। इनमें सेक्टर-62 की ओर, सेक्टर-63 की ओर व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से दो स्थानों से लोग इसका प्रयोग कर सकेंगे। इस स्काईवॉक को अभी एक्सप्रेसवे पर खोडा कॉलोनी की ओर बने फुट ओवर ब्रिज से जोड़ा जाएगा। इससे लोग एक्सप्रेसवे के दूसरी तरफ भी आसानी से आ-जा सकेंगे।
शिलान्यास पर ये नेता रहे मौजूद
बुधवार को मॉडल टाउन गोलचक्कर पर हुए शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद डॉ महेश शर्मा, विधायक पंकज सिंह, भाजपा के महानगरध्यक्ष महेश चौहान, एसीईओ वंदना त्रिपाठी व सतीश पाल के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
छिजारसी की ओर बनेगा भी बनेगा एफओबी
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक और फुट ओवर ब्रिज-एफओबी-बनाया जाएगा। यह एफओबी छिजारसी की ओर एक्सप्रेसवे को पार करते हुए बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह यह एफओबी बनाया जाएगा, वहां दोनों तरफ काफी संख्या में लोग बसें पकड़ने के लिए सड़क पार करते हैं।




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