... तो उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए, NCW ने कहा- ट्विशा की सास की भाषा दिल दुखाने वाली
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर ने ट्विशा शर्मा की सास द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा कड़ी की। उन्होंने कहा कि अगर गिरिबाला सिंह जैसी कोई व्यक्ति इस तरह का बर्ताव करती हैं तो यह निंदनीय है। वह एक जज के तौर पर काम कर चुकी हैं। समाज उनसे ज्यादा संवेदनशीलता की उम्मीद करता है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर ने ट्विशा शर्मा के चरित्र हनन और उनकी सास द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा कड़ी की। उन्होंने कहा कि अगर गिरिबाला सिंह जैसी कोई व्यक्ति इस तरह का बर्ताव करती हैं तो यह निंदनीय है। वह एक जज के तौर पर काम कर चुकी हैं। समाज ऐसे पदों पर बैठे लोगों से ज्यादा संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की उम्मीद करता है।
नोएडा की रहने वाली मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा को भोपाल में उनके ससुराल में फंदे से लटका पाए जाने के बाद से करीब 10 दिन बीत चुके हैं। ट्विशा के पति समर्थ सिंह भी पिछले 10 दिनों से लापता हैं। उनकी मौत के बाद उनकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने ट्विशा शर्मा के बर्ताव और व्यक्तित्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ट्विशा ने अपनी मर्जी से गर्भपात करवाया था। उसे सिजोफ्रेनिया की बीमारी थी, जिसके लिए उनका मानसिक इलाज चल रहा था।
आयोग ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर ने ट्विशा शर्मा के चरित्र हनन और उनकी सास द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे दिल दुखाने वाला बताया। एनडीटीवी के साथ एक खास इंटरव्यू में राहतकर ने कहा कि आयोग ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया है। आयोग ने अधिकारियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को पहले ही पत्र भेजे जा चुके हैं। पत्र में उनसे पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।
घटना को दर्दनाक और दिल दहला देने वाला बताया
इस घटना को दर्दनाक और दिल दहला देने वाला बताते हुए राहतकर ने हैरानी जताई कि ऐसी घटनाएं (कथित दहेज उत्पीड़न) आज भी प्रचलित हैं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर चरित्र हनन और पुलिस जांच में खामियों का आरोप लगाया है। इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए राहटकर ने कहा कि अगर गिरिबाला सिंह जैसी कोई व्यक्ति इस तरह का बर्ताव करती हैं तो यह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सास एक जज के तौर पर काम कर चुकी हैं और समाज ऐसे पदों पर बैठे लोगों से ज्यादा संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सच पाए जाते हैं तो उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
न्याय की लड़ाई को समर्थन
ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह दहेज हत्या मामले में आरोपी हैं। उन्हें 15 मई को 50000 रुपए का बॉन्ड भरने के बाद अंतरिम जमानत मिल गई थी। एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने ट्विशा के परिवार और न्याय के लिए उनकी लड़ाई को अपना समर्थन दिया। आयोग ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज, चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, फोन डेटा और वित्तीय लेन-देन की जांच करने को कहा है, ताकि जांच के दौरान कोई भी अहम जानकारी नजरअंदाज न हो जाए।
इस तरह की घटनाएं लगातार हो रहीं
राहतकर ने जोर देकर कहा कि पुलिस को जांच करते समय किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए और न ही किसी दबाव या प्रभाव में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाली बात है कि महिलाओं के लिए बढ़ती जागरुकता और कानूनी सुरक्षा उपायों के बावजूद समाज में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों और महिलाओं के प्रति सम्मान की शुरुआत परिवारों और खुद समाज के भीतर से ही होनी चाहिए। अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए विजया राहतकर ने कहा कि लोग भले ही ऊंचे पदों पर हों, लेकिन मानवता, गरिमा और महिलाओं के प्रति सम्मान के बिना ऐसे पद का कोई मतलब नहीं है।




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