अगर वह सहयोग नहीं करती हैं तो…; ट्विशा की सास को पुलिस का आखिरी नोटिस, दूसरी जांच भी शुरू
मध्य प्रदेश पुलिस ने ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए आखिरी नोटिस भेजा है। इससे पहले पुलिस उन्हें दो बार नोटिस भेज चुकी है। पुलिस ने कहा है कि अगर वह सहयोग नहीं करती हैं तो उनकी जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस कोर्ट जाएगी।

मध्य प्रदेश पुलिस ने ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए आखिरी नोटिस भेजा है। इससे पहले पुलिस उन्हें दो बार नोटिस भेज चुकी है। पुलिस ने कहा है कि अगर वह सहयोग नहीं करती हैं तो उनकी जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस कोर्ट जाएगी। इस बीच ट्विशा के परिवार ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
एक अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और आखिरी नोटिस जारी किया है। गिरिबाला सिंह पर अपनी बहू ट्विशा शर्मा की कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न के कारण हुई मौत के मामले में केस दर्ज किया गया है।
बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और आखिरी नोटिस
एक आधिकारिक सर्कुलर में कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस बात का फैसला करने के लिए भी दूसरी जांच भी शुरू की है कि क्या गिरिबाला सिंह उपभोक्ता अदालत की चेयरपर्सन के तौर पर काम जारी रख सकती हैं या नहीं। भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने गुरुवार को फोन पर पीटीआई को बताया कि उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और आखिरी नोटिस जारी किया गया है। अगर वह सहयोग नहीं करती हैं तो हम उनकी जमानत रद्द कराने के लिए सेशन कोर्ट जाएंगे।
डाक और वाट्सअप के जरिए भेजा
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें जो नोटिस भेजा गया था, वह डाक और वाट्सअप के जरिए दिया गया। उन्होंने बताया कि इससे पहले जब दो बार नोटिस भेजे गए थे तो वह अपने घर पर नहीं मिली थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट नहीं बुलाया जाता है, बल्कि यह काम उनके घर पर ही किया जाता है।
हाई कोर्ट पहुंचा ट्विशा का परिवार
इस बीच, ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने पीटीआई को बताया कि जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की प्रिंसिपल बेंच के सामने एक याचिका दायर की गई है। इसमें गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती दी गई है। पांडे ने कहा कि हम इस जमानत का विरोध इस आधार पर करेंगे कि निचली अदालत ने महत्वपूर्ण सबूतों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की धारा 118 के तहत दहेज मृत्यु मामलों में अनुमान से जुड़े प्रावधानों को नजरअंदाज किया है।
इस प्रावधान के अनुसार, यदि शादी के सात साल के भीतर किसी महिला की मृत्यु अप्राकृतिक परिस्थितियों में हो जाती है और उसकी मृत्यु से ठीक पहले दहेज से संबंधित क्रूरता के सबूत मिलते हैं तो अदालत यह मान लेगी कि आरोपी ने ही दहेज हत्या की है, जब तक कि आरोप इसके विपरीत न साबित हो जाए।
राज्य से बाहर भी हो रही पति की तलाश
उधर, ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह की तलाश में पुलिस की टीमें मध्य प्रदेश और राज्य के बाहर भी फैल गई हैं। पुलिस ने समर्थ की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 30000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। कटारा पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी सुनील दुबे इस समय भोपाल से बाहर एक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि उन्हें समर्थ सिंह के ठिकाने के बारे में कोई सुराग मिला है या नहीं।
दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
बता दें कि 33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिलीं। उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। जबकि उसके ससुरालवालों ने दावा किया कि ट्विशा को नशे की लत थी। पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के अलावा दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है।




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