दिल्ली में भोजन प्रतिष्ठानों और दुकानों की होगी जांच, MCD ने दिए सख्त आदेश
दिल्ली में मोमोज खाने से कई लोगों के बीमार होने के बाद नगर निगम अलर्ट पर है। अब पूरी दिल्ली में खाने-पीने की दुकानों और उनके लाइसेंस की जांच होगी। नियमों का उल्लंघन करने या गंदगी मिलने पर भारी चालान कटेगा।

दिल्ली भर के सभी खाने के प्रतिष्ठानों, दुकानों व अन्यों के स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस व उनके व्यंजनों की जांच होगी। दिल्ली नगर निगम के जन स्वास्थ्य विभाग ने सभी बारह जोन के उप स्वास्थ्य अधिकारियों (डीएचओ) को खाने में कमी मिलने पर खाने के प्रतिष्ठानों, दुकानों पर सख्त कार्रवाई निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंगलवार को विभाग की वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी हुई। इस बैठक में बीते शनिवार को शाहदरा दक्षिण जोन के पटपड़गंज में स्थित एक दुकान में मोमोज खाने पर कई लोगों की तबीयत बिगड़ने के मामले की चर्चा हुई।
अब पूरी दिल्ली में सभी डीएचओ को खाने के प्रतिष्ठानों, दुकानों व अन्यों की जांच में खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की निगरानी व निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही सामने आने पर निगम द्वारा सख्त कार्रवाई कर चालान काटे जाएंगे और स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस को रद किया जाएगा।
चालान काटते हुए दुकान खाली करवाई
पटपड़गंज वार्ड की निगम पार्षद रेनू चौधरी ने बताया कि बीते शनिवार को पटपड़गंज वार्ड में एक दुकान में मोमोज खाने से दस से अधिक लोग बीमार हो गए थे। इसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल भर्ती कराया गया था। मेरे पास कई मरीज का फोन आए। जिसके बाद हम मौके पर पहुंचे।
निगम के जन स्वास्थ्य विभाग के पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर व अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर उस दुकान में खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई में कमी मिलने पर कार्रवाई कर चालान काटा। दुकान किराये पर थी, इसलिए उसे खाली कर दिया गया। अब पटपड़गंज वार्ड में पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर को सभी दुकानों व खाने के प्रतिष्ठानों की जांच के लिए कहा गया है।
ये कार्रवाई के निर्देश दिए गए
1- निगम के अधिकारियों ने बताया कि खाने की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर खाने के प्रतिष्ठानों के चालान किए करने के निर्देश दिए गए हैं।
2- निगम द्वारा खाने की गुणवत्ता की जांच, स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस की, इस लाइसेंस के नवीनीकरण की और प्रतिष्ठानों व दुकानों के साफ-सफाई को लेकर जांच की जाएगी।
3- इसके अतिरिक्त खाने के सैंपल की जांच भी की जाएगी। खाने के सैंपल में कमी मिलने पर चालान काटने के साथ नोटिस जारी होंगे।
4- नोटिस जारी होने के बाद उल्लंघनकर्ताओं को दस दिन में जवाब निगम के समक्ष दाखिल करना होगा।
5- निगम के अधिनियम के नियमों के तहत दस दिन बाद उचित जवाब न मिलने पर स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस को रद किया जाएगा।
6- इसके बाद दुकान को सील करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सख्ती : दिल्ली के खाने के प्रतिष्ठानों व दुकानों के जांच के आदेश निगम ने दिए।
इंस्पेक्टरों की संख्या बढ़ानी है जरूरी
निगम पार्षद रेनु चौधरी ने बताया कि पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर की संख्या में बढ़ोतरी होनी बेहद जरूरी है। अभी मौजूदा समय में एक पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर पर तीन से चार वार्ड का कार्यभार है। इस संबंध में आगामी निगम के सदन की बैठक में इस मुद्दे के रखेंगे। जिससे सभी वार्डों में एक पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर की तैनाती सुनिश्चित हो सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रत्येक जिले में खाने के सैंपलों के टेस्ट करने के लिए लैब व सुविधा प्रदान होनी चाहिए।




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