दिल्ली में मामी को ‘सबक’ सिखाने युवक ने की खौफनाक वारदात, बच्चे का गला घोंट रेत दिया गला
पुलिस ने रवि को हिरासत में लेकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह अपने मामा-मामी के बीच हर रोज होने वाले झगड़ों से नाराज था और मामी को सबक सिखाने के लिए ही उसने इस खौफनाक साजिश को रचा था।

दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां एक 22 वर्षीय युवक ने अपनी ही मामी को सबक सिखाने के लिए उसके 5 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले बच्चे का गला घोंटा और जब इससे भी उसे तसल्ली नहीं हुई तो उसने फिर चाकू से उसका गला रेत दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मामी अक्सर उसके मामा के साथ झगड़ा करती रहती थी, और इसी वजह से उसे सबक सिखाने के लिए उसने मामी के बेटे की जान ले ली। आरोपी की पहचान रवि कुमार के रूप में हुई है, जो कि मछली बेचने का काम करता था।
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि '5 मार्च की दोपहर को 12.20 बजे एक PCR कॉल आई थी, जिसमें बताया गया कि मोहन गार्डन इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में पांच साल के बच्चे की लाश मिली है, जिसके गले पर नुकीले हथियार से चोट के निशान हैं। बच्चे का शव जहां मिला, वह जगह उसके घर से करीब 50 गज दूर है।'
बच्चे के पिता ने उसकी मां पर जताया था शक
मृतक के पिता पाचू महतो ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा 3 मार्च से लापता था, और रवि कुमार ने ही 5 मार्च की दोपहर को पहली बार उसकी लाश देखी थी। बच्चे के पिता ने शुरू में इस वारदात को लेकर बच्चे की मां पर शक जताया, जो कि पारिवारिक झगड़ों के कारण घर छोड़कर चली गई थी। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और CDR निकालने के साथ ही इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो महत्वपूर्ण सबूत हाथ लग गए।
महिला की लोकेशन बिहार में मिली
बच्चे के पिता द्वारा शक जताए जाने के बाद जब पुलिस ने महिला की कॉल डिटेल्स देखी तो उसके बिहार के छपरा में होने का पता चला। इसके बाद जब उससे पूछताछ की गई तो उसने वारदात में किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार किया। साथ ही बताया कि पति से बार-बार होने वाले झगड़ों से परेशान होकर वह घर छोड़कर बिहार आ गई थी।
आखिरी बार भी आरोपी के साथ दिखा था बच्चा
आगे की जांच में पुलिस ने जब इलाके में लगे सीसीटीवी के फुटेज को खंगाला और स्थानीय दुकानदारों व रेहड़ीवालों से बात की, तो पता चला कि बच्चे को आखिरी बार 3 मार्च की दोपहर करीब 3.24 बजे रवि कुमार के साथ ही देखा गया था। जिसके बाद उस पर पुलिस का शक गहरा गया।
इस वजह से मामी को सिखाना चाहता था सबक
इसके बाद पुलिस ने रवि को हिरासत में लेकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह अपने मामा-मामी के बीच हर रोज होने वाले झगड़ों से नाराज था और मामी को सबक सिखाने के लिए ही उसने इस खौफनाक साजिश को रचा था।
हत्या करने के बाद शव को ढंका और भाग गया
पुलिस ने बताया कि 3 मार्च को वारदात वाले दिन शराब पीने के बाद वह बच्चे को उसी निर्माणाधीन बिल्डिंग में ले गया, वहां उसने उस बच्चे को जमीन पर धकेल दिया और फिर उसका गला घोंट दिया। इसके बाद उसने किचन के चाकू से लड़के का गला रेत दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव को एक जैकेट से ढंक दिया और वहां से भाग गया।
दो दिन बाद शव को ढूंढने निकला और सबको बताया
दो दिन बाद वह जलाने के लिए लकड़ी इकट्ठा करने के बहाने दोबारा उसी जगह पर गया और खुद ही शव को ढूंढने का नाटक करते हुए परिवार को इसकी सूचना दी ताकि किसी को उस पर शक न हो। आरोपी की पहचान 22 वर्षीय रवि कुमार के रूप में हुई है, जो कि पेशे से मजदूर है और सड़क किनारे मछली बेचने का काम करता है।
6 मार्च को संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में बच्चे का पोस्टमॉर्टम किया गया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि आरोपी की निशानदेही पर जुर्म में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया गया है। आगे की जांच चल रही है।




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