दिल्ली में लोकनायक, MAMC और जीबी पंत अस्पताल की बदलेगी सूरत; क्या है प्लान?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के एमएएमसी, लोकनायक और जीबी पंत अस्पताल परिसर के पुनर्विकास के संकेत दिए हैं। इन हेल्थ हब को आधुनिक मास्टर प्लान के तहत विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कर के तैयार किया जाएगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के मेडिकल इफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के लिहाज से विकसित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) परिसर के पुनर्विकास के लिए एक व्यापक अध्ययन को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि लगभग 137 एकड़ में फैला यह परिसर केवल मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज तक सीमित नहीं है वरन इसमें लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, गुरु नानक आई सेंटर और मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान (एमएआईडीएस) जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हैं।
सुनियोजित कायाकल्प की जरूरत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पूरा परिसर आपस में एक बड़े मेडिकल सिस्टम के रूप में काम करता है। इस वजह से इसके सुनियोजित कायाकल्प की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने परिसर के समग्र मूल्यांकन और दीर्घकालिक कायाकल्प की रणनीति तैयार करने के लिए एक कंसल्टेंसी असाइनमेंट को मंजूरी दी है। यह काम 3 चरणों में पूरा किया जाएगा।
विस्तृत मास्टर प्लान तैयार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, पहले चरण में पूरे परिसर के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें स्थानीय निकायों के नियम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के मानदंड और अन्य सभी लागू वैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह मास्टर प्लान आगामी 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।
भवनों का किया जाएगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
दूसरे चरण में परिसर के मौजूदा भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट और तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर नई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आधुनिक डिजाइन, लेआउट और पुनर्विकास प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। तीसरे चरण में काम शुरू कराने के लिए टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। पूरी टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मदद दी जाएगी ताकि प्रस्तावित काम समय पर और सही तरीके से पूरे किए जा सकें।
मल्टी-लेवल पार्किंग का होगा विकास
इस परियोजना के तहत अस्पताल के साथ ही शैक्षणिक भवनों की योजना और डिजाइन के साथ-साथ बहुमंजिला आवासीय परिसर, हॉस्टल, नर्सिंग सुविधाएं, फायर स्टेशन, स्वच्छता प्रणाली, आंतरिक सड़क एवं कनेक्टिविटी, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था, कैफेटेरिया, पार्किंग क्षेत्र और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी समग्र रूप से शामिल किया जाएगा।
तैयार की जाएगी डीपीआर
बताया जाता है कि कंसल्टेंट द्वारा डिजिटल ग्राउंड सर्वेक्षण, विस्तृत इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, तकनीकी दस्तावेज और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारा मकसद मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ‘इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर एंड एजुकेशन हब’ के रूप में विकसित करने की है। नया विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होगा। इसमें मरीजों को बेहतर सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी और मेडिकल शिक्षा के लिए विश्वस्तरीय वातावरण तैयार करना शामिल है। हम एक ऐसा मॉडल कैंपस विकसित करना चाहते हैं।




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