56 गांवों होकर से गुजरेगा लिंक एक्सप्रेसवे, ये है रूट; भूमि अधिग्रहण को योगी सरकार ने दिए 995 करोड़
उत्तर प्रदेश में 56 गांवों की भूमि पर नया लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से ग्रेटर नोएडा तक की राह आसान हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश में 56 गांवों की भूमि पर नया लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा, जो मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे से वाया बुलंदशहर अब जेवर एयरपोर्ट भी लिंक होगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अब जल्द भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी। इसके लिए योगी सरकार ने 995 करोड़ की राशि जारी कर दी है।
इस लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण से मेरठ से लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए जेवर एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। शासन की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट को कनेक्ट करने के लिए बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे की घोषणा की गई थी। अब इस लिंक एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण, निर्माण को लेकर 1734 करोड़ के अनुमानित लागत को मंजूरी देते हुए पहली किस्त के तौर पर 995 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। शासन ने बुलंदशहर जिले को 995 करोड़ रुपये जारी करते हुए शीघ्र भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ करने को कहा है। उक्त राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दी गई है। मार्च-2026 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया करने को कहा गया है। माना जा रहा है गंगा एक्सप्रेसवे के इस लिंक से मेरठ से वाया बुलंदशहर जेवर एयरपोर्ट जाना आसान हो जाएगा।

एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सेक्टर बसेंगे: गंगा को यमुना से जोड़ने वाले 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेनो की तर्ज पर बनेगा। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दस से ज्यादा आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों को बसाया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाएगा।
ये है पूरा रूट
लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे पर 44.3 किलोमीटर यानी बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास आकर जुड़ेगा। 16 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। इस पर 1246 करोड़ खर्च होंगे।
यमुना सिटी के इन सेक्टरों को फायदा
यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के सेक्टर-4, 4ए, 5, 5ए,10, 11, 21, 28, 33, 34 और अन्य सेक्टरों को जोड़ेगा। इनमें सेक्टर 5ए जापानी सिटी, 4ए कोरियन, 11 फिनटेक और 21 फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित है। सेक्टर-5 शहर का सबसे प्राइम आवासीय सेक्टर होगा। सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 28 में सेमीकंडक्टर और मेडिकल डिवाइस पार्क, 33 व 34 में अन्य सामान्य औद्योगिक गतिविधियां होगी।
56 गांवों की भूमि पर बनेगा : लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण यूपीडा करेगा। कुल 56 गांवों की भूमि पर इसका विकास होगा। इनमें गौतमबुद्धनगर के आठ और बुलंदशहर के 48 गांव हैं। इनमें 14 गांव खुर्जा तहसील के हैं। बाकी बुलंदशहर, सियाना और शिकारपुर तहसील के रहेंगे। यह परियोजना करीब 4000 करोड़ रुपये में पूरी होगी। जमीन खरीद से लेकर एक्सप्रेसवे के निर्माण तक पूरा खर्च यूपीडा उठाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट की राह आसान होगी
मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से ग्रेटर नोएडा तक की राह आसान हो जाएगी। साथ ही देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को इस एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज तक भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने पर गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। इसके अलावा लिंक एक्सप्रेसवे का यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर 28, 29, 32, 33 से भी सीधा जुड़ाव होगा। इससे कार्गो के वाहनों को एयरपोर्ट तक पहुंचने या इससे जुड़े किसी भी रूट पर पहुंचना आसान हो जाएगा।
दोनों तरफ 25-25 मीटर सर्विस लेन होगी
सेक्टरों की इंटर कनेक्टिविटी के लिए यमुना सिटी में लिंक एक्सप्रेसवे के कुल 20 किलोमीटर में से 11 किलोमीटर का हिस्सा नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे की तर्ज पर होगा। कुल 130 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे पर 80 मीटर का कैरिज वे (जहां वाहन चलेंगे) और दोनों तरफ सेक्टरों को जोड़ने के लिए 25-25 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनेगी। 9 किलोमीटर का हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे की तरह ऊंचाई पर बनेगा। यहां चोला में रेलवे लाइन समेत अन्य कारणों से कनेक्टिविटी के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे। जैसे यमुना एक्सप्रेसवे पर बने हुए हैं।




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