लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बसेंगे ये 10 सेक्टर, एयरपोर्ट व कई शहरों तक होगी सीधी कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा में गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर बनेगा। एक्सप्रेसवे से यमुना सिटी के दस से ज्यादा आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों को जोड़ा जाएगा।

ग्रेटर नोएडा में गंगा को यमुना से जोड़ने वाले 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेनो की तर्ज पर बनेगा। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दस से ज्यादा आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों को बसाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीन फिल्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाएगा। लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे पर 44.3 किलोमीटर यानी बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास आकर जुड़ेगा। 16 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। इस पर 1246 करोड़ खर्च होंगे। यूपी सरकार ने बजट को मंजूरी दे दी है।
यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के सेक्टर-4, 4ए, 5, 5ए,10, 11, 21, 28, 33, 34 और अन्य सेक्टरों को जोड़ेगा। इनमें सेक्टर 5ए जापानी सिटी, 4ए कोरियन, 11 फिनटेक और 21 फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित है। सेक्टर-5 प्राइम आवासीय सेक्टर होगा। सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 28 में सेमीकंडक्टर और मेडिकल डिवाइस पार्क, 33 और 34 में अन्य सामान्य औद्योगिक गतिविधियां होगी। लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण यूपीडा करेगा। 56 गांवों की भूमि पर विकास होगा। इनमें गौतमबुद्धनगर के आठ और बुलंदशहर के 48 गांव हैं। 14 गांव खुर्जा तहसील के हैं। बाकी सियाना, बुलंदशहर और शिकारपुर के रहेंगे।
यह परियोजना करीब 4000 करोड़ रुपये में पूरी होगी। जमीन खरीद से लेकर एक्सप्रेसवे के निर्माण तक पूरा खर्च यूपीडा उठाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट की राह आसान होगी
मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद नोएडा एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से ग्रेटर नोएडा तक की राह आसान हो जाएगी। देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को इस एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज तक भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने पर गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। लिंक एक्सप्रेसवे का यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर 28, 29, 32, 33 से भी सीधा जुड़ाव होगा। इससे कार्गो के वाहनों को एयरपोर्ट तक पहुंचने या इससे जुड़े रूट पर पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे को एनएच 34 से भी जोड़ा जा सकता है।
लिंक एक्सप्रेसवे पर इन गांवों की जमीन आ रही
गौतमबुद्धनगर में जेवर तहसील के मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रहमनान, रबुपूरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा। खुर्जा तहसील के अमानुल्लापुर उर्फ मारहरा, इनायतपुर उर्फ मधुपुरा, कपना, भगवानपुर, हसनपुर लडूकी, बीघेपुर, सनैता शफीपुर, भदौरा, वरतौली, खवरा, धरारी, दीनौल, खलसिया चूहरपुर, विचौला, धरांऊ। बुलंदशहर तहसील के औरंगाबाद, हिंगथला उर्फ भावसी, चरौरा मुस्तफाबाद, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकुलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी, पिपाला आदि।
दोनों तरफ सर्विस लेन होगी
सेक्टरों की इंटर कनेक्टिविटी के लिए यमुना सिटी में लिंक एक्सप्रेसवे के कुल 20 किलोमीटर में से 11 किलोमीटर का हिस्सा नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे की तर्ज पर होगा। कुल 130 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे पर 80 मीटर का कैरिज वे (जहां वाहन चलेंगे) और दोनों तरफ सेक्टरों को जोड़ने के लिए 25-25 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनेगी। 9 किलोमीटर का हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे की तरह ऊंचाई पर बनेगा। यहां चोला में रेलवे लाइन समेत अन्य कारणों से कनेक्टिविटी के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे। जैसे यमुना एक्सप्रेसवे पर बने हुए हैं।
आरके सिंह, सीईओ यीडा, ''लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के सेक्टरों को नई पहचान दिलाएगा। यह सेक्टर एक्सप्रेसवे के पास होंगे। इससे सेक्टरों में बसावट और औद्योगिक गतिविधियां तेज होगी। एयरपोर्ट समेत दिल्ली, मुंबई समेत आगरा, मेरठ समेत अन्य शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी भी होगी।''




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