किरण बेदी ने बीजेपी सरकार के एक फैसले पर जताया विरोध, बोलीं- यह सचमुच दुखद है
पूर्व आईपीएस ऑफिसर किरण बेदी ने केंद्र सरकार के एक फैसले पर विरोध जताया है। उन्होंने दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के निर्देश को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि इस जगह से बहुत सारा इतिहास, बहुत सारी यादें और कई पीढ़ियों की उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं। यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं है।

पूर्व आईपीएस ऑफिसर किरण बेदी ने केंद्र सरकार के एक फैसले पर विरोध जताया है। उन्होंने दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के केंद्र सरकार के निर्देश को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि इस जगह से बहुत सारा इतिहास, बहुत सारी यादें और कई पीढ़ियों की खेल से जुड़ी उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं। यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं है। यह हमारी संस्थागत और खेल विरासत का एक हिस्सा है।
बेदी कोप्रस्ताव पर फिर से विचार करने की उम्मीद
केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली में स्थित जिमखाना क्लब को 5 जून तक अपना परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। किरण बेदी ने केंद्र के इस कदम की आलोचना की है। बेदी ने एक्स पर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सचमुच दुखद है। उम्मीद है कि इस प्रस्ताव पर फिर से विचार किया जाएगा। अरुण जेटली ने अपने जीवनकाल में यहां एक नया स्विमिंग पूल बनवाया था। यहां कुछ बेहतरीन टेनिस मैच खेले गए हैं। इस जगह से बहुत सारा इतिहास, बहुत सारी यादें और कई पीढ़ियों की खेल से जुड़ी उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं।
बदलाव जरूरी हो सकता है, लेकिन…
बेदी ने लिखा कि दिल्ली जिमखाना क्लब सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं है। यह हमारी संस्थागत और खेल विरासत का एक हिस्सा है। बदलाव जरूरी हो सकता है, लेकिन इतिहास और विरासत को सहेजकर रखना चाहिए। हम वहां कुछ नया जोड़ने की योजना भी बना सकते हैं।
27.3 एकड़ में फैला है जिमखाना क्लब
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले भूमि और विकास कार्यालय ने सफदरजंग रोड पर स्थित 27.3 एकड़ में फैले जिमखाना क्लब को अपने कब्जे में लेने के लिए उसे खाली करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक इलाके में स्थित यह जमीन का टुकड़ा रक्षा ढांचे को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
आदेश के मुताबिक, भूमि और विकास कार्यालय 5 जून को इस पर कब्जा ले लेगा। आदेश में कहा गया है कि आपको निर्देश दिया जाता है कि आप बताई गई तारीख को इस कार्यालय के प्रतिनिधियों को परिसर का कब्जा सौंप दें। यदि आप इसका पालन नहीं करते हैं तो कानून के अनुसार कब्जा ले लिया जाएगा।
3 जुलाई 1913 को स्थापित हुआ था
3 जुलाई 1913 को इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब को स्थापित किया गया था। इसे औपनिवेशिक प्रशासकों और सैन्य अधिकारियों की सेवा के लिए बनाया गया था। 1947 में आजादी के बाद इंपीरियल शब्द हटा दिया गया। क्लब के सचिव को 22 मई को भेजे गए आदेश पत्र में कहा गया है कि यह परिसर 'इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड' को एक सामाजिक और खेल क्लब चलाने के खास मकसद से लीज पर दिया गया था। यह जमीन जरूरी संस्थागत जरूरतों, शासन के बुनियादी ढांचे और जनहित के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बहुत जरूरी है।
आदेश में कहा गया है कि पट्टे के दस्तावेज के क्लॉज 4 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भारत के राष्ट्रपति भूमि और विकास कार्यालय के जरिए इस पट्टे को खत्म करते हैं और तुरंत कब्जा करने का आदेश देते हैं।




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