दिल्ली में 5 साल से पहले नहीं बेच पाएंगे इलेक्ट्रिक गाड़ियां; EV पॉलिसी 2.0 का फाइनल ड्राफ्ट तैयार
Delhi EV Policy 2.0 : दिल्ली में 5 साल से पहले इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रीसेल और ट्रांसफर पर रोक लगाई जा सकती है। दिल्ली सरकार ईवी की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी का मिस्यूज रोकने को इन गाड़ियों के रीसेल पर 5 साल के लिए रोक लगाने की योजना बना रही है।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। दिल्ली में 5 साल से पहले इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रीसेल और ट्रांसफर पर रोक लगाई जा सकती है। दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर दी जाने वाली सब्सिडी का मिस्यूज रोकने को इन गाड़ियों के ट्रांसफर या दोबारा रजिस्ट्रेशन पर 5 साल के लिए रोक लगाने की योजना बना रही है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ईवी पॉलिसी 2.0 (EV Policy 2.0) का फाइनल ड्राफ्ट अब बनकर तैयार है, जिसे मई के लास्ट में दिल्ली कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। इस प्रावधान का मतलब है कि लॉक-इन पीरियड के दौरान गाड़ी के ट्रांसफर या दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए कोई एनओसी जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा कि कैबिनेट की मुहर लगने से पहले इस पॉलिसी के फाइनल ड्राफ्ट में अब भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
1 अप्रैल 2028 से ई-बाइक और स्कूटर का ही रजिस्ट्रेशन
प्रस्तावित पॉलिसी के इस ड्राफ्ट मुताबिक दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से जहां सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के ही नए रजिस्ट्रेशन होंगे। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से ई-बाइक और स्कूटर के रजिस्ट्रेशन की ही अनुमति होगी। इस पॉलिसी में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों के लिए टैक्स में छूट का भी प्रस्ताव है। 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज से पूरी छूट मिलने की संभावना है। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 50% की छूट मिल सकती है। हालांकि, 30 लाख रुपये से महंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन से जुड़े फायदे मिलने की संभावना कम ही है।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे देश में दिल्ली ही ऐसा राज्य है जहां ईवी की खरीद पर सबसे ज्यादा इंसेंटिव मिलता है। यहां कुछ लोग सब्सिडी वाली गाड़ियां केवल इस वजह से खरीदते हैं ताकि उन्हें पड़ोसी राज्यों में बेचकर मुनाफा कमा सकें, जहां ईवी पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती। ऐसे में एक लॉक-इन पीरियड लोगों को सब्सिडी को सिर्फ एक शॉर्ट-टर्म फायदा मानने से रोकेगा।
गाड़ी को स्क्रैप में बदलने पर मिलेगी छूट
इसके अलावा पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने 'स्क्रैपेज-लिंक्ड इंसेंटिव' का भी प्रस्ताव रखा है। जो खरीदार दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने के बाद नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, उन्हें 1 लाख रुपये का इंसेंटिव मिल सकता है, बशर्ते उसकी कीमत 30 लाख रुपये से अधिक न हो। यह फायदा तभी मिलेगा, जब गाड़ी की खरीद किसी ऑथराइज्ड स्क्रैपिंग सेंटर से 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' मिलने के 6 महीने के अंदर की जाए। अधिकारियों ने बताया कि यह इंसेंटिव सिर्फ पहले एक लाख पात्र आवेदकों को ही मिलेगा।
सरकार अप्रैल में लाई थी ईवी पॉलिसी 2.0 का ड्राफ्ट
बता दें कि, दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने अप्रैल में ईवी पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी किया था और 10 मई तक जनता से इस पर सुझाव मांगे थे। इस दौरान 700 से ज्याद सुझाव मिले। यह सभी सुझाव दिल्ली के लोगों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और उद्योग से जुड़े लोगों की तरफ से भेजे गए। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने सलाह-मशविरे के बाद कुछ छोटे-मोटे बदलावों के साथ फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।




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