Hand Over Delhi Gymkhana Club Premises by June 5 Why Government Order This 5 जून तक सौंप दो दिल्ली जिमखाना क्लब परिसर, सरकार का आदेश; क्यों हुआ फैसला?, India News in Hindi - Hindustan
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5 जून तक सौंप दो दिल्ली जिमखाना क्लब परिसर, सरकार का आदेश; क्यों हुआ फैसला?

एलएंडडीओ ने कहा कि आसपास की सरकारी जमीनों को वापस लेने की व्यापक प्रक्रिया के तहत यह भूमि तात्कालिक संस्थागत जरूरतों, शासन-प्रशासन संबंधी बुनियादी ढांचे और जनहित की परियोजनाओं के लिए आवश्यक है।

Sat, 23 May 2026 04:09 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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5 जून तक सौंप दो दिल्ली जिमखाना क्लब परिसर, सरकार का आदेश; क्यों हुआ फैसला?

केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब को पांच जून तक परिसर सौंपने को कहा है। यह फैसला 27.3 एकड़ की यह जमीन रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक रूप में महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित यह परिसर रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने तथा सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े अन्य अहम उद्देश्यों के लिए बेहद जरूरी है।

लुटियंस दिल्ली के मध्य में स्थित विशाल दिल्ली जिमखाना क्लब लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के पास है। एलएंडडीओ ने 22 मई यानी शुक्रवार को क्लब के सचिव को लिखे पत्र में कहा कि इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड (जिसे अब दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) को 2, सफदरजंग रोड स्थित यह परिसर सामाजिक और खेल क्लब संचालित करने के विशिष्ट उद्देश्य से पट्टे पर दिया गया था।

एलएंडडीओ ने कहा कि आसपास की सरकारी जमीनों को वापस लेने की व्यापक प्रक्रिया के तहत यह भूमि तात्कालिक संस्थागत जरूरतों, शासन-प्रशासन संबंधी बुनियादी ढांचे और जनहित की परियोजनाओं के लिए आवश्यक है। आदेश में कहा गया, ''भारत की राष्ट्रपति, पट्टा विलेख के खंड चार के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भूमि एवं विकास कार्यालय के माध्यम से उक्त परिसर का पट्टा तत्काल प्रभाव से समाप्त करती हैं और उस पर पुन: कब्जा लेने का आदेश देती हैं।''

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इसमें कहा गया, ''इस प्रकार पुनः कब्जा लेने पर 27.3 एकड़ भूमि का संपूर्ण भूखंड, जिसमें उस पर स्थित सभी भवन, स्थायी संरचनाएं, ढांचे, लॉन और साज-सामान शामिल हैं, भूमि एवं विकास कार्यालय के माध्यम से पट्टादाता अर्थात् राष्ट्रपति के पास चला जाएगा।'' आदेश के अनुसार, भूमि एवं विकास कार्यालय परिसर को पांच जून को अपने कब्जे में लेगा। इसमें कहा गया, ''आपको निर्देश दिया जाता है कि आप निर्धारित तिथि को परिसर का शांतिपूर्ण कब्जा इस कार्यालय के प्रतिनिधियों को सौंप दें। अनुपालन न करने की स्थिति में, कानून के अनुसार कब्जा ले लिया जाएगा।''

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दिल्ली जिमखाना क्लब शहर की सबसे मूल्यवान और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जमीनों में से एक पर स्थित है। यह उच्च सुरक्षा वाले प्रशासनिक क्षेत्र में है, जहां केंद्र सरकार और रक्षा से जुड़े कई प्रमुख प्रतिष्ठान हैं। ब्रिटिश काल में स्थापित इस क्लब ने 1913 में इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब के नाम से इस स्थल से संचालन शुरू किया था। भारत की आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया और मौजूदा संरचनाओं का निर्माण 1930 के दशक में किया गया था।

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