दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम को पूरी तरह बदला जाएगा, रेखा गुप्ता सरकार की क्या तैयारी
दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया जाएगा। सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है। इसका मकसद सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक, पारदर्शी और लोगों के लिए सुविधाजनक बनाना है। नए सिस्टम में देरी, भ्रष्टाचार और एजेंटों पर लोगों की निर्भरता को खत्म करने पर जोर दिया जाएगा।

दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया जाएगा। सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है। इसका मकसद सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक, पारदर्शी और लोगों के लिए सुविधाजनक बनाना है। नए सिस्टम में देरी, भ्रष्टाचार और एजेंटों पर लोगों की निर्भरता को खत्म करने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में बड़े सुधार लागू करें, ताकि लोग आसानी से अपनी प्रॉपर्टी रजिस्टर करवा सकें। सीएम ने कहा कि सरकार का मकसद इन कार्यालयों को ऐसे सेवा केंद्रों में बदलना है, जो निर्धारित समय और बिना किसी परेशानी के लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराएं।
कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दिए
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित सुधारों की समीक्षा के लिए हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक के दौरान कई कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दिए। इनमें यह दिखाया गया कि कैसे टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिस्टम ने अन्य राज्यों में सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली में सुधार किया है। अधिकारियों से चर्चा के बाद सरकार ने फैसला किया कि दिल्ली को भी कार्यकुशलता बढ़ाने, पारदर्शिता लाने और राजस्व में वृद्धि करने के लिए ऐसे ही मॉडल अपनाने चाहिए।
पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तरह बनेंगे सब-रजिस्ट्रार कार्यालय
योजना के मुताबिक सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे। इन कार्यालयों में एयरकंडीशन्ड वेटिंग एरिया, हेल्प डेस्क, डिजिटल हेल्प काउंटर, टोकन सिस्टम, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की सुविधा और आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका उद्देश्य लंबी कतारों को कम करना और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है।
आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर विचार
दिल्ली सरकार सिस्टम में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी विचार कर रही है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग, डॉक्यूमेंट्स का पहले से वेरिफिकेशन और एप्लीकेशन की लाइव ट्रैकिंग से इंतजार का समय काफी कम होने की उम्मीद है। धोखाधड़ी रोकने, प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने और विवादों को कम करने के लिए एआई-आधारित फेस वेरिफिकेशन, ब्लॉकचेन-आधारित सुरक्षा सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट जैसी टेक्नोलॉजी भी शुरू की जा सकती हैं।
बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का मकसद बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना और सरकारी राजस्व के नुकसान को कम करना है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने और राजस्व की लीकेज को कम करने में मदद करेगा। लोगों को सरकारी कामों के लिए एजेंटों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सरकार एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहती है, जिसमें ज्यादातर काम डिजिटल तरीके से हो। सरकार ने संकेत दिया है कि स्टेकहोल्डर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ और ज्यादा बातचीत के बाद इसे लागू करने की विस्तृत योजनाएं तैयार की जाएंगी।




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