जेएनयू हिंसा मामले में FIR दर्ज, जांच शुरू; यूनिवर्सिटी प्रशासन की सख्त चेतावनी
जेएनयू में रविवार रात दो छात्र समूहों के बीच हिंसक झड़प मामले में पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गहन जांच जारी है। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशसन ने सख्त चेतावनी जारी की है।

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में रविवार देर रात हुई मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार देर रात छात्रों के दो संगठनों के बीच झगड़ा हुआ था जिसमें कई छात्र घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कैंपस पहुंचकर सुरक्षा बढ़ाई गई। सोमवार को विश्वविद्यालय के सीएसओ ने इस घटना की लिखित शिकायत दी। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दो संगठनों के बीच मारपीट
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के रविवार देर रात छात्रों के दो संगठनों के बीच मारपीट का मामला सामने आया। इस झगड़े में कई छात्रों के घायल होने की सूचना मिली थी। देर रात कई कॉल मिलने के बाद पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की। सोमवार को मामले में विश्वविद्यालय के सीएसओ की ओर से रात हुई घटना को लेकर शिकायत दी गई।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस
इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि जेएनयूएसयू नेताओं और उनके सहयोगियों के साथ हिंसक घटना हुई। शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 115(2)/ 126(2)/ 191(2)/ 189(2)/ 121(1)/ 132/ 61(2) और 3 पीडीपीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा शैक्षणिक भवनों में ताला लगाने और केंद्रीय पुस्तकालय में पढ़ रहे छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव डालने की सूचना मिली है। प्रशासन विश्वविद्यालय नियमों और भारतीय न्याय संहिता के तहत आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। शैक्षणिक गतिविधियां जारी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने की बैठक
एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार दोपहर में जेएनयू के सुरक्षाबलों व पुलिस अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई और आगे सुरक्षा की नीतियों को लेकर चर्चा हुई।
26 फरवरी को शिक्षा मंत्रालय तक मार्च
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जारी विवाद के बीच छात्र संगठनों ने 26 फरवरी को शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने की घोषणा की है। जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि कुलपति द्वारा एक पॉडकास्ट में दलित समुदाय को लेकर की गई कथित टिप्पणी आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण है। इसके लिए कुलपति को माफी मांगनी चाहिए।




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