स्मार्ट फेंसिंग से लेकर AI कैमरो तक, जेवर एयरपोर्ट पर कैसा है सुरक्षा चक्र; जानें सब कुछ
जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ-साथ हाई टेक सिक्योरिटी से लेस किया गया है ताकी यहां आने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो।

जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ-साथ हाई टेक सिक्योरिटी से लेस किया गया है ताकी यहां आने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो। एयरपोर्ट में किसी भी तरह से घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए खास तैयारी की गई है। एयरपोर्ट बाहरी सीमा पर स्मार्ट पेरिएमिटर सिक्योरिटी लगाई गई है, जिसमें हाई-सिक्योरिटी फेंसिंग, ग्राउंड सेंसर और मोशन डिटेक्टर्स शामिल हैं। ये घुसपैठ की कोशिश होने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देंगे।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट परिसर के भीतर AI-पावर्ड सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। ये कैमरे चेहरे की पहचान साथ-साथ लोगों की व्यवहारिक जांच करने में भी सक्षम हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीआईएसएफ के 1,047 जवानों को तैनात किया गया है, जो स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो और क्विक रिएक्शन टीमें हर स्थिति से निपटने के लिए तैनात रहेंगी।
सिक्योरिटी जांच के लिए क्या तैयारी
यात्रियों की जांच को तेज और सटीक बनाने के लिए यहां 3D एक्स-रे बैगेज स्कै, एक्सप्लोसिव डिटेक्शन सिस्टम और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम लगाए गए हैं। एयरपोर्ट पर एक उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लागू किया जाएगा, जो हवाई खतरों को बेअसर कर सकेगा। साथ ही, साइबर हमलों और डेटा चोरी से बचने के लिए एक मजबूत साइबर सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति जैसे आगजनी या मेडिकल इमरजेंसी के लिए समर्पित टीमें और डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान भी मौजूद है, जो चंद मिनटों में प्रतिक्रिया देने के लिए सक्षम है।
उद्घाटन कार्यक्रम के लिए भी खास तैयारी
शनिवार को होने वाले एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए भी खास तैयारी की गई है। कार्यक्रम स्थल पर सात हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि 300 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के लिए पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच की जा रही है और बिना तलाशी, पहचान पत्र व बैग की जांच के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से पहले और दौरान सुरक्षा जांच, बम निरोधक जांच और अन्य सुरक्षा उपाय लगातार किए जाएंगे। परिसर में मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और महिलाओं की जांच के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
एंटी-ड्रोन यूनिट्स सक्रिय
सुरक्षा में पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की टीमें भी तैनात हैं। ड्रोन से संभावित खतरे को देखते हुए एंटी-ड्रोन यूनिट्स को भी सक्रिय किया गया है और पूरे क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैल सके। निगरानी के लिए हवाई अड्डा परिसर में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे।
नोएडा एक्सप्रेसवे पर अति विशिष्ट (वीवीआईपी) लोगों की आवाजाही की निगरानी आईएसटीएमएस के जरिए की जाएगी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। दस आईपीएस अधिकारियों के साथ पीएसी की 10 कंपनी और आरएएफ की दो कंपनी की तैनाती की गई है।
जिले की सीमाओं, विशेषकर हरियाणा सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा अलीगढ़, बुलंदशहर समेत आसपास के जिलों की सीमाओं पर भी पुलिस और गश्ती वाहन हर आधा किलोमीटर पर तैनात किए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण व सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
भाषा से इनपुट




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