जेवर एयरपोर्ट से इन शहरों के लिए शुरू हो सकती है डायरेक्ट फ्लाइट, पूरा प्लान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का भव्य उद्घाटन करेंगे। हालांकि, उड़ानों की शुरुआत इसके कुछ हफ्ते बाद से शुरू होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का भव्य उद्घाटन करेंगे। हालांकि, उड़ानों की शुरुआत इसके कुछ हफ्ते बाद से शुरू होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस एयरपोर्ट के 45 दिनों के भीतर 10 बड़े शहरों के लिए सीधी फ्लाइट शुरू हो सककी हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे टिकट बुकिंग के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआती दौर में एयरलाइंस का ध्यान उन रूटों पर होगा जहां सबसे ज्यादा डिमांड होगी। माना जा रहा है कि मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा और जयपुर जैसे महानगरों के लिए सबसे पहले सीधी उड़ानें उपलब्ध होंगी। इसके लिए बुकिंग विंडो उड़ानें शुरू होने से 2 से 4 सप्ताह पहले खुलने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट से हवाई सेवा देने के लिए पहले चरण में तीन बड़ी एयरलाइंस इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस तैयार हैं। बताया जा रहा है कि इन एयरलाइंस के प्रवेश से न केवल घरेलू कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विकल्प भी खुलेंगे।
उद्घाटन से पहले कड़ी सुरक्षा
बता दें, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर शनिवार को व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल पर सात हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि 300 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के लिए पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच की जा रही है और बिना तलाशी, पहचान पत्र व बैग की जांच के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से पहले और दौरान सुरक्षा जांच, बम निरोधक जांच और अन्य सुरक्षा उपाय लगातार किए जाएंगे। परिसर में मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और महिलाओं की जांच के लिए अलग व्यवस्था की गई है। सुरक्षा में पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की टीमें भी तैनात हैं। ड्रोन से संभावित खतरे को देखते हुए एंटी-ड्रोन यूनिट्स को भी सक्रिय किया गया है और पूरे क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैल सके। निगरानी के लिए हवाई अड्डा परिसर में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। नोएडा एक्सप्रेसवे पर अति विशिष्ट (वीवीआईपी) लोगों की आवाजाही की निगरानी आईएसटीएमएस के जरिए की जाएगी।




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