जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने को रहें तैयार! 20 अप्रैल तक शुरू हो सकती हैं फ्लाइट
उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने का इंतजार बहुत जल्द खत्म हो सकता है। एयरपोर्ट से 20 अप्रैल तक उड़ान शुरू होने की संभावना है। एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने के 45 दिनों के अंदर उड़ान शुरू करने का दावा है।

उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने का इंतजार बहुत जल्द खत्म हो सकता है। एयरपोर्ट से 20 अप्रैल तक उड़ान शुरू होने की संभावना है। एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने के 45 दिनों के अंदर उड़ान शुरू करने का दावा है। शुरुआत में सिर्फ घरेलू व कार्गो उड़ानें ही शुरू होंगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) ने एयरपोर्ट को सशर्त सुरक्षा मंजूरी दी है। सुरक्षा व्यवस्था को मानकों के अनुरूप करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है। ऐसी करीब 18 शर्ते हैं, जिनके आधार पर एयरोड्रम लाइसेंस जारी हुआ है। साथ ही लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी चार शर्तों का पालन अनिवार्य होगा। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा कुछ कार्य भी इन 45 दिनों में ही पूरा करना होगा। हालांकि, एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने के बाद अब एयरपोर्ट प्रबंधन इंडिगो, एयर इंडिया और आकाशा एयरलाइंस को पत्र भेजेगा, ताकि वे टिकट बुकिंग शेड्यूल जारी कर सके। इस प्रक्रिया में भी कुछ समय लगता है।
आइटा की वेबसाइट पर भी एयरपोर्ट के संबंध में जानकारी देनी होगी, ताकि दुनिया को नए एयरपोर्ट के संचालन में बारे में जानकारी हो सके। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर विमानों का दबाव कम होगा।
शुरुआत में घरेलू और कार्गो उड़ान रहेंगी
एयरपोर्ट को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) से सिर्फ घरेलू व कार्गो उड़ानों के लिए ही सुरक्षा मंजूरी मिली है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने में कुछ माह लग सकते हैं। साथ ही कैट-3 जैसे उपकरण स्थापित न होने के चलते शुरुआत में सिर्फ दिन में ही उड़ानें शुरू होगी। एयरपोर्ट पर घरेलू व कार्गो टर्मिनल का काम पूरा हो चुका है, यहां सभी प्रकार के उपकरण लग चुके हैं। एयरपोर्ट पर स्थापित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) संभालेंगे।
इसलिए हुई लाइसेंस मिलने में देरी
बकास ने पहले सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर ध्यान दिलाया था। इनकी वजह से एयरपोर्ट को लाइसेंस मिलने में देरी हुई। इसमें डॉप्लर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनीडायरेक्शनल रेंज (डीवीओआर) के साथ संभावित दखल की चिंता भी शामिल थी। डीवीओआर एक नेविगेशन एड है, जो एयरक्राफ्ट को ग्राउंड स्टेशन के हिसाब से दिशा की जानकारी देता है। साथ ही अधिकारियों ने डीवीओआर के पास बनी स्टील की दीवार पर भी चिंता जताई थी।
दस प्रमुख शहरों के लिए उड़ान की उम्मीद
शुरुआत में, देश के दस प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध होने की उम्मीद है। इनमें चंडीगढ़, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद, जयपुर आदि शामिल हैं।




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