Janakpuri biker death Incident Excavation on a busy road without safety measures is a serious crime says court 'व्यस्त सड़क पर बिना सुरक्षा खुदाई गंभीर अपराध', जनकपुरी हादसे पर क्या बोला कोर्ट, Ncr Hindi News - Hindustan
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'व्यस्त सड़क पर बिना सुरक्षा खुदाई गंभीर अपराध', जनकपुरी हादसे पर क्या बोला कोर्ट

दिल्ली के द्वारका जिला अदालत ने जनकपुरी क्षेत्र में गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत के मामले में दायर चार्जशीट पर शुक्रवार को संज्ञान ले लिया है।

Fri, 8 May 2026 10:49 PMAditi Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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'व्यस्त सड़क पर बिना सुरक्षा खुदाई गंभीर अपराध', जनकपुरी हादसे पर क्या बोला कोर्ट

दिल्ली के द्वारका जिला अदालत ने जनकपुरी क्षेत्र में गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत के मामले में दायर चार्जशीट पर शुक्रवार को संज्ञान ले लिया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपियों की लापरवाही मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरजोत सिंह औजला की अदालत ने साफ किया है कि व्यस्त सड़क पर बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुदाई करना एक गंभीर अपराध है। मृतक के परिवार की अधिवक्ता आस्था चतुर्वेदी ने अदालत में इस लापरवाही को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कोर्ट में पेश किए गए चार्जशीट से खुलासा हुआ कि व्यस्त सार्वजनिक सड़क पर गड्ढा होने के बावजूद वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जांच में सामने आया कि यह हादसा पूरी तरह से सिस्टम और ठेकेदारों की अनदेखी का नतीजा था। चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ है कि हादसे के समय वहां न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड या लाइट का प्रबंध किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि युवक की जान जाने के बाद अपनी गलती छिपाने के लिए आनन-फानन में वहां बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, इस काम को मुख्य कंपनी ने आगे सब-कॉन्ट्रैक्ट पर दिया था। मजदूर योगेश ने उप-ठेकेदार राजेश कुमार को पहले ही आगाह किया था कि बिना सुरक्षा के काम करना खतरनाक हो सकता है, फिर भी उसकी चेतावनी को अनसुना कर दिया गया।

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फर्जी आधार कार्ड से छिपाई पहचान

अदालत ने इस मामले में आरोपियों राजेश कुमार, योगेश और मुख्य कंपनी के निलंबित निदेशक हिमांशु गुप्ता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी हिमांशु गुप्ता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी। फिलहाल राजेश और योगेश जेल में हैं, जबकि कोर्ट ने हिमांशु गुप्ता को समन भेजकर अगली सुनवाई के लिए पेश होने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई छह जून को तय की गई है।

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अप्रैल में दाखिल की थी चार्जशीट

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में सात अप्रैल को 877 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने केकेएसपीयूएन प्राइवेट इंडिया लिमिटेड के निलंबित निदेशक हिमांशु गुप्ता, उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति और मजदूर योगेश को आरोपी बनाया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105, 238बी, 61(2), 340(2), 3(5) की धाराएं लगाई थीं। गौरतलब हो कि यह घटना पांच फरवरी की देर रात जनकपुरी क्षेत्र में घटित हुई थी। इसमें कमल ध्यानी नामक युवक की जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई थी। सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के अभाव के कारण यह हादसा हुआ था।

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