DDA ने जारी किया नया नोटिस, दिल्ली में सालों से खाली पड़े निजी प्लॉटों के मालिकों को होगा फायदा
DDA News : दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली उन निजी जमीनों को विकसित करने के लिए एक नया नोटिस जारी किया है, जो वर्षों से खाली पड़ी हैं।

दिल्ली में अपना खाली प्लॉट रखने वाले निजी जमीन मालिकों के लिए यह एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने वर्षों से खाली पड़ी निजी जमीनों को विकसित करने का रास्ता साफ कर दिया है।
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, डीडीए ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली उन निजी जमीनों को विकसित करने के लिए एक नया नोटिस जारी किया है, जो वर्षों से खाली पड़ी हैं। डीडीए ने इस नोटिस में यह स्पष्ट किया है कि निजी स्वामित्व वाली जमीनों के नियोजित विकास के लिए साल 2018 में बनाए गए नियम अब भी पूरी तरह से लागू हैं।
क्या है DDA की योजना?
अधिकारियों ने बताया कि डीडीए का मुख्य उद्देश्य उन निजी जमीन मालिकों को प्रोत्साहित करना है जिनकी जमीनें डीडीए नियंत्रित क्षेत्रों में आती हैं। अब ये मालिक अपनी जमीन पर निर्माण शुरू करने के लिए बिल्डिंग प्लान (नक्शा) पास कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन संबंधित स्थानीय निकायों जैसे MCD, NDMC या खुद DDA के पास जमा किया जा सकता है।
डीडीए के नोटिस के अनुसार, ये नियम 4 जुलाई, 2018 को अधिसूचित किए गए थे और अभी भी लागू हैं। यह नीति दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निजी स्वामित्व वाली जमीनों को अधिसूचित भूमि उपयोग मानदंडों, मास्टर प्लान के प्रावधानों और जोनल विकास योजनाओं के अनुसार विकसित करने की अनुमति देती है।
किन जमीनों को मिलेगा फायदा?
अधिकारियों ने बताया कि कई निजी स्वामित्व वाले खाली प्लॉट ऐसे इलाकों में मौजूद हैं जो लैंड पूलिंग पॉलिस, हरित विकास क्षेत्र योजनाओं या किसी अन्य अधिसूचित पुनर्विकास योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।
कैसे मिलेगी मंजूरी?
डीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि योजना का लक्ष्य दिल्ली में उन पात्र निजी जमीनों के नियोजित विकास को बढ़ावा देना और सुगम बनाना है, जो सालों से खाली पड़ी हैं। अधिकारी ने कहा कि हालांकि, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी पूरी जांच-पड़ताल के बाद तभी दी जाएगी जब वह सभी लागू नियमों और प्लानिंग मानकों पर खरी उतरेगी। कोई भी व्यक्ति जो अपनी पात्र जमीन को विकसित करना चाहता है, वह नक्शा पास कराने के लिए अपने क्षेत्र के संबंधित स्थानीय निकाय में इसके लिए आवेदन दे सकता है। अधिकारियों के अनुसार, इस साल 2018 के नियमों के तहत लगभग दो से तीन निजी जमीन के भूखंडों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
बता दें कि दिल्ली विकास प्राधिकरण केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है। राजधानी में घरों की मांग को पूरा करने के लिए समय-समय पर EWS से लेकर LIG, MIG और HIG फ्लैटों की किफायती और बजट फ्रेंडली घरों की योजनाएं लेकर आता रहता है।




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