Jaish-e-Mohammed linked suspected man Saavez alias Jihadi used to talk by creating groups on Signal app सिग्नल ऐप पर ग्रुप बना बातचीत करता था जैश से जुड़ा संदिग्ध सावेज उर्फ जिहादी, मोबाइल में मिले सबूत, Ncr Hindi News - Hindustan
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सिग्नल ऐप पर ग्रुप बना बातचीत करता था जैश से जुड़ा संदिग्ध सावेज उर्फ जिहादी, मोबाइल में मिले सबूत

गाजियाबाद में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध सावेज उर्फ जिहादी के मोबाइल से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि वह जैश के कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होकर लंबे समय से लोगों को भड़काने और उन्हें संगठन की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहा था।

Fri, 13 March 2026 10:08 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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सिग्नल ऐप पर ग्रुप बना बातचीत करता था जैश से जुड़ा संदिग्ध सावेज उर्फ जिहादी, मोबाइल में मिले सबूत

गाजियाबाद में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध सावेज उर्फ जिहादी के मोबाइल से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होकर लंबे समय से लोगों को भड़काने और उन्हें संगठन की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहा था।

पुलिस को उसके मोबाइल की गैलरी से संगठन से जुड़े वीडियो, फोटो और ट्रेनिंग सेंटर के दृश्य भी मिले हैं। सावेज सिग्नल ऐप में ग्रुप बनाकर आतंकी संगठनों से बातचीत करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि सावेज अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले युवकों को कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित करता था। वह जैश-ए-मोहम्मद के वीडियो और फोटो दिखाकर लोगों को संगठन की ओर आकर्षित करने का प्रयास करता था। उसकी गतिविधियों से समाज और राष्ट्रहित दोनों प्रभावित हो रहे थे।

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सावेज के मोबाइल फोन में इंस्टॉल मिला सिग्नल ऐप

जांच के दौरान सावेज के मोबाइल में सिग्नल ऐप इंस्टॉल मिला। ऐप को खोलकर जांच करने पर उसमें दो ग्रुप चैट पाए गए। पहले ग्रुप में नौ फरवरी को सावेज द्वारा एक मैसेज रिक्वेस्ट स्वीकार की गई थी। इसमें उसकी बातचीत आफताब आलम नामक व्यक्ति से मिली, जो प्रतिबंधित संगठन फरातुल्ला गौरी के ग्रुप से जुड़ा बताया गया है। चैट में आफताब आलम ने सावेज को हमजा नाम के व्यक्ति की इंस्टाग्राम आईडी भी साझा की थी। हमजा जैश-ए-मुहम्मद का प्रमुख व्यक्ति बताया गया है।

जिहादी ने आतंकी संगठन के ग्रुप से जुड़ने को भेजी थी रिक्वेस्ट

पुलिस के अनुसार, सिग्नल ऐप के दूसरे ग्रुप में सावेज उर्फ जिहादी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन के एक ग्रुप स्वात-उल-हक से जुड़ने के लिए रिक्वेस्ट भेजी थी। वहीं, मोबाइल में इकराम के साथ हुई चैट भी मिली है। इस चैट में इकराम ने तलवार ले ली लिखकर संदेश भेजा था, जिसके जवाब में सावेज ने हां, ले ली लिखा। इसके बाद इकराम ने चलो चितौड़ा लिखकर संदेश भेजा।

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मसूद अजहर के वीडियो देखकर उकसाता था

पूछताछ में सावेज ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मौलाना मसूद अजहर के वीडियो देखता था और उनके विचारों से प्रभावित था। उसने स्वीकार किया कि वह अपने समाज के लोगों को उकसाता था। उसने अपने गांव के जुनैद, फरदीन, इकराम अली, मोहम्मद जावेद और फजरू समेत अन्य युवकों को भी इस काम में शामिल किया था।

आरोपियों के चाचा अमेरिका और पाकिस्तान में रह रहे

पुलिस आरोपियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी सावेज का एक चाचा अमेरिका में रहता है। वहीं दूसरे दूसरे आरोपी जावेद का एक चाचा पाकिस्तान के इस्लामाबाद में रहता है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि जावेद के चाचा का नाम पहले ही आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ा बताया गया था। इसके बाद वह भारत से पाकिस्तान चला गया और वहीं रहने लगा। हालांकि, पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

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