UP में जैश-ए-मोहम्मद वाली ट्रेनिंग, पूरी टीम ही पकड़ी गई; एक तो वकील भी
गाजियाबाद में 'आतंक की राह' पर निकले 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो खूंखार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से ट्रेनिंग हासिल कर रहे थे। वह ना सिर्फ खुद आतंकी विचारधारा से प्रेरित हो गए थे बल्कि दूसरों को भी इस राह पर धकेलने की कोशिश में जुटे थे।

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 'आतंक की राह' पर निकले 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो खूंखार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से ट्रेनिंग हासिल कर रहे थे। आरोपी एक संगठन बना चुके थे जिसका सरगना सावेज महज 20 साल का है। एक आरोपी वकील है तो दूसरा वकालत पढ़ रहा था। दो अन्य लोग मजदूर हैं।
पुलिस उपायुक्त ग्रामीण जोन सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि बताया गया है कि मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में छापेमारी करके आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस को मुखबिर और मैनुअल इनपुट के आधार पर जानकारी मिली थी कि कुछ लोग देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन, प्रतिबंधित संगठनों के वीडियो, लिंक आदि बरामद किए गए हैं। थाना मसूरी पुलिस टीम नाहल झाल पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर के जरिए सूचना मिली की नाहल में सावेज पुत्र अब्दुल कादिर नाम का व्यक्ति कुछ अन्य लोगों के साथ आतंकी संगठनों से जुड़ गया है। उसकी मानसिकता अपराधिक प्रवृत्ति के साथ देश की एकता और अखंडता को प्रभावित करने वाली है।
सावेज के अलावा जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें जुनैद (23) पुत्र सलीम, फरदीन (22) पुत्र मुनसफ, इकराम अली (36) पुत्र इन्शाद अली, फजरू (48) पुत्र दफेदार, मो0 जावेद (45) पुत्र मो0 अखलाख शामिल हैं। सभी नाहल गांव के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और यूएपीए की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। सभी को नाहल से मसूरी आने वाले रास्ते में मुबारिकपुर की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इकराम अली की मां साहिदा मूल रूप से बांग्लादेश की निवासी है। पूछताछ में सावेज उर्फ जिहादी, जुनैद, फरदीन, इकराम अली, फजरू और जावेद ने कबूल किया कि ग्रुप का सरगना सावेज है।
सावेज बोला- फेसबुक पर मुसलमानों पर अत्याचार वाले वीडियो देख बदली मानसिकता
सावेज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह इंटर तक पढ़ा है और परचून की दुकान पर रहता है। वह फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपने समुदाय पर हो रहे अत्याचार की वीडियो देखता था, जिससे उसकी मानसिकता बदल गई। वह जैश-ए-मोहम्मद और फरातुल्ला गौरी ग्रुप जैसे प्रतिबंधित संगठनों को फॉलो करता था और उनकी ट्रेनिंग वीडियो अपने साथियों को दिखाता था। सावेज पर मसूरी थाने में पहले से भी एक मुकदमा दर्ज है जो देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ा है।
कोई मस्जिद में था मौलाना तो कोई वकील
जावेद ने बताया कि वह आलिम (इंटर) तक पढ़ा है और पूर्व में नाहल की मस्जिद में मौलाना था। वर्तमान में मदरसा चला रहा है और अन्य लोगों को मजहब के प्रति हो रहे अत्याचार के प्रति जागरूक करने का काम करता था। वहीं, इकराम अली ने बताया कि वह वकालत के पेशे में है और राष्ट्रविरोधी क्रियाकलापों में शामिल था। जुनैद ने बताया कि वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। फरदीन और फजरू मजदूरी करते हैं और सावेज की बातों से प्रेरित होकर ग्रुप से जुड़े थे।




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