husband income tax details not disclosed under rti act wife matrimonial dispute delhi high court vedict RTI से पति की इनकम टैक्स डिटेल नहीं मांग सकती पत्नी; दिल्ली हाईकोर्ट ने पलटा CIC का फैसला, Ncr Hindi News - Hindustan
More

RTI से पति की इनकम टैक्स डिटेल नहीं मांग सकती पत्नी; दिल्ली हाईकोर्ट ने पलटा CIC का फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि वैवाहिक झगड़े में पत्नी सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI), 2005 के तहत अपने पति के इनकम टैक्स डिटेल नहीं मांग सकती। हाईकोर्ट ने कहा कि पति की कमाई और टैक्स की डिटेल उसकी 'पर्सनल जानकारी' है और इसे पब्लिक नहीं किया जा सकता।

Sat, 2 May 2026 04:29 PMPraveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
RTI से पति की इनकम टैक्स डिटेल नहीं मांग सकती पत्नी; दिल्ली हाईकोर्ट ने पलटा CIC का फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी संग वैवाहिक झगड़े के दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI), 2005 के तहत पति की इनकम टैक्स डिटेल्स का खुलासा नहीं किया जा सकता। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि ऐसी जानकारी आरटीआई एक्ट के तहत ‘व्यापक जनहित’ के अपवाद के दायरे में नहीं आती। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के एक आदेश को रद्द करते हुए यह बातें कहीं। हाईकोर्ट के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि RTI का इस्तेमाल व्यक्तिगत प्रतिशोध या निजी मुकदमों में हथियार के तौर पर नहीं किया जा सकता। प्राइवेसी के अधिकार को सूचना के अधिकार से ऊपर रखते हुए कोर्ट ने पति को बड़ी राहत दी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं, दिल्ली HC का बड़ा फैसला

क्या था पूरा मामला?

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला एक पति-पत्नी के बीच चल रहे गुजाराभत्ता के मुकदमे से जुड़ा है। दरअसल, पत्नी ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में अपील की थी कि उसे उसके पति की नेट टैक्सेबल इनकम की जानकारी दी जाए। CIC ने पत्नी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को पति की इनकम की जानकारी शेयर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पति ने CIC के इसी आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

CIC की ओर से यह निर्देश वैवाहिक मुकदमेबाजी और भरण-पोषण के एक लंबित दावे के बीच पत्नी द्वारा दायर की गई दूसरी अपील में जारी किया गया था। पति ने यह तर्क दिया था कि इस तरह की जानकारी का खुलासा उसकी प्राइवेसी पर एक अनुचित अतिक्रमण है और यह RTI एक्ट की धारा 8(1)(j) के तहत छूट प्राप्त है, जो पर्सनल जानकारी को सार्वजनिक किए जाने से सुरक्षा प्रदान करती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जवानी में किया अप्लाई, DTC में 17 साल बाद मिलेगी सरकारी नौकरी; HC में जीती जंग

हाईकोर्ट ने CIC का विवादित आदेश किया रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने CIC द्वारा पारित विवादित आदेश को रद्द करते हुए कहा कि RTI एक्ट की धारा 8 (1)(j) यह बताती है कि सामान्य नियम यह है कि पर्सनल जानकारी को आमतौर पर सार्वजनिक किए जाने से छूट प्राप्त होती है, यदि वह सार्वजनिक हित से संबंधित न हो या यदि उसके सार्वजनिक किए जाने से किसी व्यक्ति की निजता का अनावश्यक उल्लंघन होता हो। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि उक्त नियम का एकमात्र अपवाद वह स्थिति है, जहां ऐसी पर्सनल जानकारी को सार्वजनिक करना व्यापक जनहित में जरूरी हो।

हाईकोर्ट इस पर गौर करते हुए कि पत्नी द्वारा मांगी गई डिटेल पति की "पर्सनल जानकारी" थी, कोर्ट ने कहा, ''यह एक्ट सरकारी संस्थाओ के कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। विधायिका का यह आशय कतई नहीं हो सकता था कि लोगों की ऐसी पर्सनल जानकारी को सार्वजनिक करने की अनुमति दी जाए, जिसका आम जनता से कोई लेना-देना न हो। इसलिए, 'व्यापक जनहित' की अवधारणा की व्याख्या इस तरह से नहीं की जा सकती, जिससे कि इस एक्ट के प्रावधानों का दुरुपयोग हो।''

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:‘रिश्ता शादी जैसा, बस कानून…’; लिव-इन रिलेशन पर दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला

कोर्ट ने खारिज की पत्नी की दलील

कोर्ट ने पत्नी की इस दलील को खारिज कर दिया कि RTI एक्ट के तहत उसके पति की इनकम की डिटेल सार्वजनिक करना उसके भरण-पोषण के दावे पर सही फैसला देने के लिए जरूरी था।

कोर्ट ने कहा कि पत्नी के पास कानून में और भी उपाय मौजूद हैं। दोनों पक्षों को यह आजादी है कि वे कानून में उपलब्ध सभी उपायों का इस्तेमाल करके अदालत के माध्यम से दूसरे जीवनसाथी से एफिडेविट रिकॉर्ड पर रखने की मांग कर सकते हैं। “उपरोक्त परिस्थितियों में CIC द्वारा जारी किए गए निर्देशों की प्रकृति कानून की दृष्टि में सही नहीं पाई गई।”

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:US में तलाक के बाद भारत में दहेज उत्पीड़न केस स्वीकार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।