गुरुग्राम में नारी मंडपम, विशाखा पोर्टल; हरियाणा सरकार का महिलाओं को बड़ा तोहफा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2.23 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 2.02 लाख करोड़ रुपये से 10.28 प्रतिशत अधिक है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2.23 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 2.02 लाख करोड़ रुपये से 10.28 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्रालय का भी दायित्व रखने वाले सैनी ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि विभिन्न वर्गों से मिले करीब 5,000 सुझावों को भी बजट में शामिल किया गया है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में एक भव्य 'नारी मंडपम' की स्थापना की जाएगी। साथ ही, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी सेवाओं को सुगम बनाने के लिए अम्बाला, यमुनानगर, रोहतक और गुरुग्राम में 'वात्सल्य भवन' बनाए जाएंगे, जो एक 'सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म' के रूप में कार्य करेंगे।
कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ रुपये की लागत से 'वर्कप्लेस सेफ्टी फंड' बनाने की घोषणा की है, जिसके साथ ही एक POSH सेल और विशाखा पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी और निजी संस्थानों को महिलाओं के अनुकूल बनाने के लिए महिला-समर्थ संस्थान पुरस्कार योजना की शुरुआत होगी, जिसके माध्यम से संस्थानों का उनके सुरक्षा मानकों और कार्य-संस्कृति के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
अन्य बड़े ऐलान
नए बजट प्रस्तावों में 'हरियाणा एग्री डिस्कॉम' की स्थापना भी शामिल है। यह राज्य की तीसरी बिजली वितरण कंपनी होगी, जो 5,084 कृषि फीडर और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करेगी। सैनी ने कहा कि इस बिजली वितरण कंपनी के गठन से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ 'हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस कोष के गठन का उद्देश्य शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहर को हरा-भरा बनाने, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधान में निवेश को बढ़ावा देना है।
भाषा से इनपुट




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