42 villages of gurugram drone survey plan to demolish illegal constructions by gmda गुरुग्राम के इन 42 गांवों में ड्रोन सर्वे कराकर अवैध निर्माण गिराने की तैयारी, 250 की हुई पहचान, Ncr Hindi News - Hindustan
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गुरुग्राम के इन 42 गांवों में ड्रोन सर्वे कराकर अवैध निर्माण गिराने की तैयारी, 250 की हुई पहचान

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधीन आ रहे 42 गांवों में ड्रोन से सर्वे कराकर अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। इन गांवों में करीब 250 अवैध निर्माण की पहचान की जा चुकी है। ड्रोन सर्वे में सामने आए अवैध निर्माणों को नोटिस दिया जाएगा।  

Mon, 2 March 2026 06:57 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गुरुग्राम, दीपक आहूजा
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गुरुग्राम के इन 42 गांवों में ड्रोन सर्वे कराकर अवैध निर्माण गिराने की तैयारी, 250 की हुई पहचान

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधीन आ रहे 42 गांवों में ड्रोन से सर्वे कराकर अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। इन गांवों में करीब 250 अवैध निर्माण की पहचान की जा चुकी है। ड्रोन सर्वे में सामने आए अवैध निर्माणों को नोटिस दिया जाएगा। नए अवैध निर्माण को पनपने से रोकने के लिए हर महीने ड्रोन सर्वे होगा।

जीएमडीए के अधीन गुरुग्राम ब्लॉक के गांव बुढेड़ा, साढराणा, चंदू, हमीरपुर, टीकली, अकलीमपुर, गैरतपुर बास, मांकडोला आते हैं, जबकि मानेसर में ग्वालियर, हसनपुर, बिनौला, बिलासपुर, पथरेड़ी, चांदला डूंगरवास, लांगड़ा, उदयपुरी, बाघनकी, खेड़की, सकतपुर आते हैं। इसके अलावा फर्रुखनगर ब्लॉक में सुल्तानपुर, कालियावास, सैदपुर मोहम्मदपुर, खेंटावास, धानावास, बाबरा बाकीपुर, ख्वासपुर, बासलांबी, खरखड़ी, मोकलवास, फकरपुर, सांपका, जमालपुर, ततारपुर, जटौला, जुडौला, ताजनगर, फाजिलपुर बादली, मुबारिकपुर, पातली हाजीपुर, इकबालपुर, झांझरौला और सरबसीपुर आते हैं। जीएमडीए को सूचना मिली है कि इन गांवों में अवैध रूप से कुछ कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इसके अलावा जीएमडीए से बिना अनुमति लिए मकानों, दुकानों और वेयर हाउस का निर्माण किया जा रहा है।

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कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे

इसको लेकर जीएमडीए ने फैसला लिया है कि इन गांवों का ड्रोन से सर्वे करवाया जाएगा। इस सर्वे के बाद मौके का निरीक्षण किया जाएगा। जहां-जहां अवैध निर्माण हुए हैं, वहां पर जमीन की पैमाइश करने के बाद जमीन या मकान मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। जहां अवैध निर्माण चल रहे हैं, उन्हें रुकवाया जाएगा। नए निर्माण को पनपने नहीं दिया जाएगा। हर महीने इन गांवों में ड्रोन सर्वे करवाया जाएगा।

सुल्तानपुर में अवैध रूप से फार्म हाउस बने

सुल्तानपुर बर्ड सेंचुरी के पांच किमी दायरे में किसी भी तरह का निर्माण बिना मंजूरी के नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों के संज्ञान में आया है कि इस दायरे में कुछ लोगों ने फार्म हाउस, होटल और ढाबे बना लिए हैं। सर्वे के बाद इन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।

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250 अवैध निर्माण की पहचान हुई

जीएमडीए ने इन गांवों में 250 अवैध निर्माण की पहचान की है। इन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। नोटिस मिलने के 15 दिन में इन्हें जवाब दाखिल करना है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन अवैध निर्माणों को मलबे में मिलाया जाएगा। इन अवैध निर्माण में 90 प्रतिशत दुकानों और वेयर हाउस का निर्माण हुआ है। अब जीएमडीए इन्हें जल्द गिरा सकता है।

सीएलयू लेकर निर्माण कर सकते हैं

गांवों में कृषि योग्य भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। यदि कृषि भूमि पर किसी तरह का निर्माण करना है तो उसके लिए जीएमडीए से सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) करवाना होगा। इसके बाद नक्शे मंजूर करवाकर निर्माण करना होगा। इस तरह निर्माण करके लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी। बिना मंजूरी के निर्माण करने से तोड़फोड़ का डर बना रहेगा। लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

आरएस बाठ, डीटीपी, जीएमडीए, ''जीएमडीए के अधीन 42 गांव आते हैं। अवैध निर्माण को लेकर यहां ड्रोन सर्वे करवाने का फैसला लिया है। करीब 250 अवैध निर्माण की पहचान की गई है। इन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन्हें तोड़ने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। अवैध निर्माण को वैध करवाने के लिए सीएलयू के लिए आवेदन कर सकते हैं।''

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