गुरुग्राम में मेट्रो के आगे कूदी युवती, परिवार ने पुलिस में नहीं दी शिकायत; क्या बोला?
गुरुग्राम के एमजी रोड स्टेशन पर एक 22 साल की युवती ने मेट्रो ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। मृतका के परिवार ने पुलिस में कोई भी शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। परिवार का क्या कहना है जानें…

गुरुग्राम के एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार रात को दिल्ली की 22 साल की एक युवती ने मेट्रो के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। महिला गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। युवती के ट्रेन के आगे कूदने के बाद मेट्रो सेवा करीब आधे घंटे तक बाधित रही। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतका के परिवार ने पुलिस में कोई भी शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि यह घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे हुई जब वर्षा नाम की युवती स्टेशन पर दिल्ली जाने वाली मेट्रो ट्रेन के सामने कूद गई। वर्षा दिल्ली के आयानगर की रहने वाली गुरुग्राम के एमजी रोड मेट्रो स्टेशन के पास एक निजी कंपनी में काम करती थी। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद प्रभावित ट्रैक पर मेट्रो सेवाएं लगभग आधे घंटे तक बाधित रहीं। इससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।पुलिस और मेट्रो कर्मचारियों ने CCTV फुटेज महिला के परिवार को दिखाया। परिवार ने इसे एक दुर्घटना माना और कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। परिवार ने इस घटना को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पोस्टमार्टम के बाद महिला की लाश परिवार को सौंप दी गई है। कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
वहीं गुरुग्राम की अशोक विहार कॉलोनी में रविवार को सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 50 वर्षीय अनिल का पत्नी आशा से किसी बात पर झगड़ा हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे कमरे में सो रहा उनका 25 वर्षीय बेटा प्रशांत जाग गया और बीच-बचाव करने पहुंचा। इसी दौरान गुस्से में आकर अनिल ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली और पत्नी और बेटे दोनों को गोली मार दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जाता है कि जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो आरोपी अनिल बेटे और पत्नी की लाशों के पास ही बैठा मिला। पुलिस ने अनिल को तुरंत हिरासत में ले लिया। आरोपी अनिल के खिलाफ पालम विहार थाने में मामला दर्ज किया गया है। मृतक आशा एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल थीं। अनिल पहले स्कूलों में टीचर था और बाद में एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में काम करने लगा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।




साइन इन