Gurugram news waste will now be collected from every household fleet of 700 new vehicles will be deployed गुरुग्राम में अब घर-घर से कूड़ा उठेगा, हर गली-मोहल्ले तक 700 नए वाहनों का बेड़ा तैनात किया जाएगा, Ncr Hindi News - Hindustan
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गुरुग्राम में अब घर-घर से कूड़ा उठेगा, हर गली-मोहल्ले तक 700 नए वाहनों का बेड़ा तैनात किया जाएगा

मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के लाखों निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में पिछले करीब दो वर्षों से चरमराई कूड़ा उठान व्यवस्था अब जल्द ही पटरी पर लौटने वाली है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

Fri, 24 April 2026 11:17 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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गुरुग्राम में अब घर-घर से कूड़ा उठेगा, हर गली-मोहल्ले तक 700 नए वाहनों का बेड़ा तैनात किया जाएगा

मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के लाखों निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में पिछले करीब दो वर्षों से चरमराई कूड़ा उठान व्यवस्था अब जल्द ही पटरी पर लौटने वाली है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ करने के लिए भेजे गए 607 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।

नगर निगम अधिकारियों ने इसी महीने के पहले सप्ताह में यह प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इस बड़े फैसले के बाद शहर में कचरा प्रबंधन को लेकर चल रही भारी अव्यवस्था के जल्द खत्म होने की पूरी उम्मीद जग गई है और अब कूड़े को लेकर होने वाली परेशानियां कुछ ही दिनों में दूर हो जाएंगी। नई टेंडर प्रक्रिया के तहत कचरा संग्रहण प्रणाली को पूरी तरह से आधुनिक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। शहर के हर कोने, हर गली और मोहल्ले तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 700 नए वाहनों का एक बड़ा बेड़ा तैनात किया जाएगा। पिछले काफी समय से सौ फीसदी घरों से कूड़ा नहीं उठ पा रहा था।

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गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि निगम की तरफ से भेजे गए नए आरएफपी को मुख्यालय से अनुमति मिल गई है। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही लोगों को कूड़े की समस्या से स्थायी समाधान मिलेगा।

दो साल की गंदगी से मिलेगी निजात

पिछले दो वर्षों से गुरुग्राम में डोर-टू-डोर (घर-घर) कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी थी। ठेकेदारों की कमी और जरूरी संसाधनों के भारी अभाव में नगर निगम शहर के सभी घरों तक पहुंचने में लगातार संघर्ष कर रहा था। इस भारी अव्यवस्था का सीधा और नकारात्मक असर शहर की स्वच्छता पर पड़ा। शहर के प्रमुख रिहायशी इलाकों, कॉलोनियों और मुख्य सड़कों के किनारे कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ लग गए थे। गंदगी के कारण बदबू और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ था।

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टेंडर की शर्तों में बदलाव

इस बार नए टेंडर में ठेका लेने वाली कंपनियों की शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। पहले के सख्त नियमों में यह शर्त थी कि टेंडर भरने वाली कंपनी के पास पिछले सात वित्तीय वर्षों (2018-2025) में किसी महानगर में कूड़ा उठाने-निस्तारण का अनुभव होना अनिवार्य है। नए नियम के तहत अब वे एजेंसियां भी योग्य मानी जाएंगी, जिनके पास सात सालों में किसी भी निगम क्षेत्र में यह काम करने का अनुभव होगा।

छह बार बदले नियम

शहर में कूड़ा प्रबंधन का यह संकट जून 2024 में शुरू हुआ था, जब खराब प्रदर्शन के कारण तत्कालीन इको ग्रीन कंपनी का ठेका रद्द कर दिया गया था। एक साल के लिए लाई गई रिप्लेसमेंट एजेंसी भी पूरी तरह फेल साबित हुई। घरों से कूड़ा उठाने का पहला नया टेंडर 12 जुलाई 2024 को निकाला गया। लेकिन तब से अब तक टेंडर की शर्तों (आरएफपी) को छह बार बदला जा चुका है।

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