Gurugram nagar nigam Prepared 270 Crore plan to Relief from Sewer Blockages and Overflow गुरुग्राम में सीवर जाम और ओवरफ्लो से मिलेगी मुक्ति, 270 करोड़ रुपए का प्लान तैयार, Ncr Hindi News - Hindustan
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गुरुग्राम में सीवर जाम और ओवरफ्लो से मिलेगी मुक्ति, 270 करोड़ रुपए का प्लान तैयार

गुरुग्राम में सीवर जाम और ओवरफ्लो की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए निगम ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम अब शहर के सीवर की नियमित सफाई और रखरखाव पर 270 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करेगा। पूरे शहर में फैले करीब 1700 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है।

Wed, 22 April 2026 07:22 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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गुरुग्राम में सीवर जाम और ओवरफ्लो से मिलेगी मुक्ति, 270 करोड़ रुपए का प्लान तैयार

गुरुग्राम में सीवर जाम और ओवरफ्लो की पुरानी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए निगम ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम अब शहर के सीवर की नियमित सफाई और रखरखाव पर 270 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करेगा। पूरे शहर में फैले करीब 1700 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क को पूरी तरह से दुरुस्त रखने के लिए यह विस्तृत योजना तैयार की गई है।

गुरुग्राम नगर निगम के अधिकारियों ने 270 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर मंजूरी के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया है। इस योजना के तहत निजी एजेंसियों को अगले पांच साल के लिए सीवर सफाई का पूरा काम दिया जाएगा। पूरे शहर को चार अलग-अलग जोन में बांटकर यह काम अलग-अलग एजेंसियों को सौंपा जाएगा। इन एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी शर्त यह होगी कि उन्हें जनता की किसी भी शिकायत का समाधान केवल 24 घंटे के अंदर ही करना होगा।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी शहर की बदहाल सीवर व्यवस्था एक बहुत बड़ा मुद्दा बनी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने पहली बार पांच साल के लिए सीवर मरम्मत एंव रखरखाव का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपने की तैयारी की है। बता दें कि शहर में 33 हजार के करीब मैनहोल और 1700 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है।

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पहली बार बड़े स्तर पर बनी है इतनी बड़ी योजना

शहर में लगातार बढ़ रही सीवर की इन भयंकर समस्याओं को देखते हुए नगर निगम ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह योजना तैयार की है। सीवर नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए इतनी बड़ी राशि का प्रावधान निगम के इतिहास में पहले कभी नहीं किया गया था। आम जनता की शिकायतों का तुरंत और पक्का समाधान करने के लिए भी निगम ने पहली बार इतना सख्त नियम बनाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को हफ्तों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एजेंसी को हर हाल में तय समय सीमा के भीतर सीवर का जाम खोलना होगा। ऐसा न करने वाली एजेंसी पर निगम की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नई सीवर लाइन बिछाने का काम निगम खुद करेगा

इस नई और बड़ी योजना में निगम ने एक बात बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। इन निजी एजेंसियों को केवल पहले से मौजूद 1700 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की सफाई और उनके रखरखाव का काम ही दिया जाएगा। एजेंसियों का काम सिर्फ जाम खोलना और लाइनों को साफ रखना होगा। इसके अलावा मैनहोल के ढक्कन भी बदलने का काम एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। अगर शहर के किसी भी नए इलाके में या पुरानी जगह पर कोई नई सीवर लाइन बिछाने की जरूरत पड़ती है, तो वह नया नेटवर्क नगर निगम अपने स्तर पर खुद तैयार करेगा। नई लाइन बिछाने का काम इन एजेंसियों को नहीं दिया जाएगा। जब निगम नई लाइन बिछा देगा, तो उसके बाद उसकी सफाई की जिम्मेदारी इन्हीं एजेंसियों की होगी।

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चार निजी एजेंसियों का काम की जिम्मेदारी

निगम पूरे शहर के सीवर रखरखाव का काम किसी एक कंपनी को नहीं सौंपेगा। इसके लिए चारों जोन के लिए चार निजी एजेंसियों का काम की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे पूरे शहर की व्यवस्था एक साथ खराब नहीं होगी और सभी जोन में काम सुचारू रूप से चलता रहेगा। गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि सीवर के रखरखाव और मरम्मत के लिए नए टेंडर लगाए जाएंगे। इसको लेकर चारों जोन में चार ही एजेंसी को यह काम दिया जाएगा। साथ एजेंसी को पांच साल तक के लिए सफाई और रखरखाव का काम सौंपा जाएगा। इसको लेकर एस्टीमेट तैयार कर अनुमति के लिए सरकार के पास भेज दिया है।

रोजाना आ रही हैं सौ से अधिक शिकायतें

निगम के पास इन दिनों सीवर जाम होने और गंदा पानी सड़कों पर बहने की रोजाना सौ से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। शहर से लोग लगातार निगम को फोन और पोर्टल पर शिकायतें कर रहे हैं। लेकिन निगम के पास इस समय अपनी खुद की मैनपावर और जरूरी मशीनरी की भारी कमी है। कर्मचारियों और मशीनों की इस कमी के कारण केवल 50% शिकायतों का ही किसी तरह समाधान हो पाता है।

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जोन में अलग-अलग एजेंसियां काम संभालेंगी

शहर के चारों जोन के लिए अलग-अलग निजी एजेंसियों को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह ठेका पूरे पांच साल की लंबी अवधि के लिए दिया जाएगा ताकि एजेंसियां जिम्मेदारी से अपना काम कर सकें। अलग-अलग एजेंसियां होने से काम में तेजी आएगी। अगर किसी एक जोन में सीवर की समस्या आती है, तो वहां की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर काम शुरू कर सकेगी।

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