गुरुग्राम में बैठकर चीनी साइबर अपराधियों की मदद कर रही थी महिला, पुलिस ने दबोचा
गुरुग्राम पुलिस ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ संयुक्त अभियान में चीन के साइबर जालसाजों को फोन मदद प्रदान करने के आरोप में एक नगा महिला को सोमवार को गिरफ्तार किया।

गुरुग्राम पुलिस ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ संयुक्त अभियान में चीन के साइबर जालसाजों को फोन मदद प्रदान करने के आरोप में एक नगा महिला को सोमवार को गिरफ्तार किया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार महिला अपने पति के साथ मिलकर गुरुग्राम में किराए के मकान में 'वर्चुअल सिम बॉक्स' लगाकर चीन स्थित साइबर अपराधियों की मदद कर रही थी। आरोप है कि वे गेमिंग धोखाधड़ी, निवेश धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे विभिन्न साइबर अपराधों के लिए भारतीय नागरिकों को निशाना बना रहे थे।
पुलिस के अनुसार, 10 फरवरी को पूर्वी साइबर थाने को सेक्टर 28, गुरुग्राम में एक किराए के अपार्टमेंट में एक शख्स और उसकी पत्नी द्वारा लगाए गए वर्चुअल सिम बॉक्स के बारे में गोपनीय सूचना मिली थी। इन लोगों का मकसद साइबर धोखाधड़ी के लिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाना था। इस सूचना के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने आई4सी के साथ मिलकर एक अभियान शुरू किया।
एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि मौके पर मौजूद एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान नगालैंड के दीमापुर निवासी कुंग पानमे (30) के रूप में हुई।




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