गुरुग्राम फिर गरजे बुलडोजर, 3 अवैध कॉलोनियों समेत कई फार्म हाउस किए ध्वस्त
गुरुग्राम में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर ऐक्शन देखने को मिला। इस दौरान अवैध कॉलोनियों से लेकर अवैध फार्म हाउस ध्वस्त कर दिए गए। गुरुग्राम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने सोमवार को अवैध रूप से पनप रही तीन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया।

गुरुग्राम में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर ऐक्शन देखने को मिला। इस दौरान अवैध कॉलोनियों से लेकर अवैध फार्म हाउस ध्वस्त कर दिए गए। गुरुग्राम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने सोमवार को अवैध रूप से पनप रही तीन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। ये कॉलोनियां साढ़े 10 एकड़ जमीन पर विकसित की जा रही थी। पुलिस बल की मौजूदगी में विरोध के बीच निर्माणाधीन मकानों को तोड़ा गया।
डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में तोड़फोड़ दस्ता पहले गांव ताजनगर में पहुंचा। इस गांव में करीब चार एकड़ में अवैध रूप से कॉलोनी काटी जा रही थी। इसमें 11 मकानों को तैयार करने के लिए डीपीसी और चारदीवारी की गई थी। प्लॉट बेचने के लिए सड़क का निर्माण भी कर दिया था। बुलडोजर ने इस कॉलोनी को मलबे में मिला दिया। इसके बाद तोड़फोड़ दस्ता इस गांव में ही करीब चार एकड़ में पनप रही दूसरी कॉलोनी में पहुंच गया। इस कॉलोनी में आठ निर्माणाधीन मकानों को तोड़ा गया। इसके अलावा 20 मकान बनाने के लिए डीपीसी डाली गई थी, जिसे भी उखाड़ दिया।
तोड़फोड़ दस्ता गांव सुल्तानपुर में पहुंच गया। इस कॉलोनी को करीब ढाई एकड़ में विकसित किया जा रहा था। कॉलोनी में तीन निर्माणाधीन मकानों को मलबे में मिलाया गया। डीटीपीई अमित मधोलिया ने लोगों से अपील की कि अवैध रूप से पनप रही इन कॉलोनियों में प्लॉट नहीं खरीदें। ये कॉलोनियां कभी भी तोड़ी जा सकती हैं। इन कॉलोनियों में खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए तहसीलदार को पत्र लिख दिया है।
अवैध फार्म हाउसों को ध्वस्त किया
गुरुग्राम में ही अरावली की पारिस्थितिकी को बचाने के लिए वन विभाग ने सोमवार को रायसीना की पहाड़ियों पर अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग की टीम ने यहां करीब 28 एकड़ बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से विकसित किए जा रहे फार्म हाउसों को ध्वस्त कर दिया। जिला वन अधिकारी राजकुमार यादव ने बताया कि जिस जमीन पर यह निर्माण कार्य चल रहा था, वह पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत संरक्षित है। कानूनन इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण, पेड़ काटना या चारदीवारी बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भू-माफिया पहाड़ियों को काटकर वहां अवैध रूप से फार्म हाउस बनाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, सोमवार को निगम की स्ट्रीट वेंडिंग मैनेजमेंट टीम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक और व्यस्त इलाकों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया। टीम ने मुख्य चौराहे के आसपास अवैध रूप से खड़ी रेहड़ियों को हटाया। सेक्टर-17 और सुखराली में फुटपाथों पर रखे गए खोखे और दुकानदारों द्वारा बाहर निकाले गए सामान को हटवाया गया। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर यातायात के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करना और यात्रियों के लिए फुटपाथ खाली कराना है।
दोबारा कब्जा किया तो भारी जुर्माना होगा
अभियान के दौरान अधिकारियों ने रेहड़ी-पटरी संचालकों और दुकानदारों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। टीम ने स्पष्ट किया कि यदि एक बार हटाने के बाद दोबारा सड़क या फुटपाथ पर अतिक्रमण पाया गया, तो न केवल सामान जब्त किया जाएगा, बल्कि भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा। अधिकारियों ने दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी सीमाओं के भीतर ही व्यापार करें। निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने इस अभियान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शहर की सुंदरता और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा यातायात में सबसे बड़ी बाधा है। हमने अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। आम जनता से भी अपील है कि वह शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करें और सड़कों पर अतिक्रमण न करें।




साइन इन