गुरुग्राम के कई सेक्टरों में 400 से ज्यादा मकानों को HSVP ने थमाए नोटिस, जानिए क्या है वजह
Gurugram News : हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने गुरुग्राम में करीब 425 मकानों को कमर्शियल गतिविधियों के संचालन पर नोटिस दिए हैं। इसके बाद भी यदि इन मकानों में कमर्शियल गतिविधियां बंद नहीं की जाती हैं तो इनके आवंटन पत्र को रद्द करने की प्रक्रिया को शुरू की जाएगी।

Gurugram News : गुरुग्राम में कमर्शियल गतिविधियों के संचालन पर करीब सवा चार सौ मकानों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने नोटिस दिया है। यदि इन मकानों में कमर्शियल गतिविधियों को बंद नहीं किया जाता है तो एचएसवीपी एक्ट, 1977 के तहत इन मकानों का कब्जा प्रमाण पत्र रद्द कर दिया जाएगा। इनके आवंटन पत्र को रद्द करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
एचएसवीपी ने ओल्ड गुरुग्राम के सेक्टर-चार, पांच, सात, सात एक्सटेंशन, नौ, नौ ए, 10, 10ए, 12ए, 14, 15 के पार्ट एक और दो, 17, 21, 22 और 23 का सर्वे किया था। इसमें पाया कि करीब सवा चार सौ मकानों में कमर्शियल गतिविधियों का संचालन हो रहा है। 40 फीसदी मकान तो ऐसे हैं, जिसमें पीजी चलाया जा रहे हैं। इसके अलावा 10 प्रतिशत मकानों में प्ले स्कूल चल रहे हैं। इनकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ मकानों में ब्यूटी पार्लर, जिम, ट्यूशन सेंटर, क्लीनिक और प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस आदि का संचालन किया जा रहा है।
सर्वे के बाद एचएसवीपी ने इन मकानों के मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि कमर्शियल गतिविधियों को बंद नहीं किया तो कब्जा प्रमाण पत्र रद्द कर दिया जाएगा। मकान को जब्त करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग सर्वे कर रहा
मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की तरफ से लाइसेंस कॉलोनियों के मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे कर रहा है। इन्हें कारण बताओ नोटिस देकर सील करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। डीटीपीई कार्यालय की तरफ से यह सर्वे किया जा रहा है। करीब 80 मकानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सर्वे के बाद सभी मकानों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सुशांत लोक-एक, दो, तीन, पालम विहार, मालिबू टाउन, उप्पल साउथ एंड आदि इलाकों में सर्वे किया जा रहा है।
इन्हें संचालन की अनुमति
एचएसवीपी मकान में डॉक्टर, वकील, टैक्स कंसलटेंट, आर्किटेक्ट, ठेकेदार, सीए, कंपनी सेक्रेटरी, प्रॉपर्टी डीलर, टूरिस्ट गाइड अपना कार्यालय खोल सकते हैं। इसके लिए इन्हें प्लॉट साइज का अधिकतम 25 प्रतिशत या 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में संचालन की अनुमति दी जाती है। 50 हजार रुपये फीस पांच साल के लिए देनी होती है।
अजमेर सिंह, एसडीओ, एचएसवीपी, ''एचएसवीपी के मकानों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थी। सर्वे के बाद इन्हें नोटिस दिया है। व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं हुई तो इनके खिलाफ एचएसवीपी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।''




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