गुरुग्राम की नई सोसाइटियों में अब सिर्फ बाइक नहीं, कार पार्किंग भी होगी जरूरी
Gurugram News : गुरुग्राम में किफायती आवास नीति (Affordable Housing Policy) के तहत अब नई सोसाइटियों में कार पार्किंग देना अनिवार्य होगा। पहले केवल टू-व्हीलर पार्किंग का प्रावधान था, जिससे बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच अक्सर टकराव होता था।

Gurugram News : गुरुग्राम में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने किफायती आवास नीति (अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी) में बदलाव किया है। इस नीति के तहत नई विकसित होने वाली रिहायशी सोसाइटियों में कार पार्किंग को अनिवार्य कर दिया गया है। पुरानी नीति में सिर्फ मोटरसाइिकल पार्किंग की सुविधा थी।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने बदलाव को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। साल 2013 में इस नीति को बनाया गया था। नीति में सिर्फ मोटरसाइिकल पार्किंग की सुविधा थी। मौजूदा समय में इस नीति के तहत गुरुग्राम में विकसित करीब 100 रिहायशी सोसाइटियों में कार पार्किंग को लेकर विवाद बना हुआ है। यह विवाद बिल्डर और आरडब्ल्यूए या फ्लैट मालिकों के बीच हो रहा है। बिल्डर की रखरखाव एजेंसी की तरफ से नीति का हवाला देते हुए कार को सोसाइटी में प्रवेश नहीं देती है, जिसके बाद टकराव की स्थिति बन जाती है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष शिकायत पहुंचीं थी। मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किए थे कि इस नीति में बदलाव किए जाएं। कार पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। इसके बाद नीति में संशोधन किया गया।
बता दें कि सेक्टर-36ए स्थित एवीएल 36, सेक्टर-70ए स्थित पिरामिड होम्स, सेक्टर-84 स्थित पीवोटल दीवान सोसाइटी में पिछले दो-तीन सालों में पार्किंग को लेकर रखरखाव एजेंसी और लोगों के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी है।
ये हैं नए नियम
किफायती आवास नीति के तहत नई सोसाइटियों में एक फ्लैट के लिए एक कार पार्किंग अनिवार्य है। इसकी एवज में फ्लैट मालिक को फ्लैट की कुल कीमत की 10फीसदी राशि अतिरिक्त देनी होगी। निर्माणाधीन रिहायशी परियोजनाओं या हाल ही में नक्शे पास होने वाली सोसाइटियों में बिल्डर को दो तिहाई आवंटियों से सहमति लेनी अनिवार्य है। यह सुविधा कब्जा प्रमाणपत्र जारी हो चुके प्रोजेक्ट में लागू नहीं होगी।
फ्लैट की कीमत में बढ़ोतरी
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस नीति के तहत फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी की जानकारी निदेशक कार्यालय को दी है। गुरुग्राम में नई सोसाइटी में 5575 रुपये प्रति वर्ग फीट के रेट निर्धारित किए गए हैं। 1300 रुपये प्रति वर्ग फीट बालकनी की एवज में देनी होंगी। अधिकतम 100 वर्ग फीट की बालकनी होगी, जिसकी एवज में एक लाख 30 हजार रुपये देने होंगे। सोहना और फरीदाबाद में प्रति वर्ग फीट के रेट 5450 रुपये कर दिए हैं।
राशि लौटाने का प्रावधान
गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर प्रदेश के बचे उच्च और मध्यम क्षमता के शहर में यह रेट 5050 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा। नई दर लागू होने के बाद यदि कोई आवंटी ड्रॉ में हिस्सा नहीं लेगा तो उसकी जमा राशि वापस होगी।




साइन इन