गुरुग्राम मासूम से दरिंदगी मामले में SC सख्त; DGP को नोटिस, पुलिस कमिश्नर भी तलब
गुरुग्राम में चार साल की बच्ची से रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए हरियाणा सरकार और डीजीपी को नोटिस जारी कर सीबीआई जांच पर जवाब मांगा है। साथ ही पुलिस अधिकारियों को रिकॉर्ड सहित पेश होने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने हरियाणा सरकार और डीजीपी को नोटिस जारी कर इस मामले की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग पर जवाब मांगा है। अदालत ने केस को संवेदनहीन तरीके से संभालने के आरोपों पर नाराजगी जताई और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर व जांच अधिकारी को 25 मार्च को सभी रिकॉर्ड के साथ पेश होने का आदेश दिया। साथ ही जिला जज को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित मजिस्ट्रेट से उनके व्यवहार पर जवाब मांगें।
पिता का आरोप- 2 मेड और एक युवक ने किया यौन शोषण
बता दें कि 4 फरवरी को एक पिता ने थाना सेक्टर-53 में शिकायत दी कि उनकी सोसायटी की दो मेड और एक व्यक्ति ने उनकी तीन साल की बेटी का यौन शोषण किया है। पिता का आरोप था कि वारदात दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया था लेकिन इस मामले में लंबे समय तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। बच्ची ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए थे।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला तब ऐक्शन
4 फरवरी को शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई लेकिन जैसे ही यह केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पुलिस ऐक्टिव हो गई। पुलिस ने बीते बीते शनिवार को आनन फानन में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारियां कीं। पुलिस ने दो महिला मेड और एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मेड संगीता यूपी एटा की जबकि दूसरी आरोपी मेड पकीला पश्चिम बंगाल के नदिया की रहने वाली है। आरोपियों की उम्र 30 से 32 साल के आसपास है।
पुलिस की कथित निष्क्रियता पर सख्त हुई पुलिस
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की। पुलिस की निष्क्रियता को लेकर सर्वोच्च अदालत बेहत सख्त नजर आई। सर्वोच्च अदालत ने हरियाणा सरकार, हरियाणा के DGP समेत अन्य को नोटिस जारी किया। याचिका में चार साल की बच्ची के साथ हुए रेप की जांच CBI या SIT से कराने की मांग की गई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर और जांच अधिकारी तलब किया है।
पुलिस कमिश्नर और जांच अधिकारी रिकॉर्ड के साथ तलब
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर और जांच अधिकारी को 25 मार्च को केस के पूरे रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में हाजिर होना होगा। इसके साथ सर्वोच्च अदालत ने गुरुग्राम के जिला जज को आदेश दिया कि वे केस को कथित तौर पर असंवेदनशील तरीके से संभालने के आरोपों पर मजिस्ट्रेट से जवाब तलब करें। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी की ओर से मामले का तुरंत जिक्र किए जाने पर संज्ञान लिया है।
मजिस्ट्रेट के सामने बच्ची ने बताई आपबीती, फिर भी नहीं ऐक्शन
वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने सर्वोच्च अदालत को बताया कि बच्ची की ओर से मजिस्ट्रेट के सामने इस भयानक घटना का पूरा ब्योरा देते हुए बयान दिया गया है। फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
वरिष्ठ वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित नहीं किया है। कोई CCTV (फुटेज) नहीं लिया गया है। इस खौफनाक कांड में घर की नौकरानियां इसमें शामिल हैं। सीजेआई ने शुरू में याचिकाकर्ताओं से हाई कोर्ट जाने को कहा था। इस पर अदालत को बताया गया कि संबंधित हाई कोर्ट चंडीगढ़ में है, जबकि पीड़िता के पिता गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। चूंकि यह अपनी तरह का भयावह केस है इसलिए इस मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत से एक संदेश जाना चाहिए।




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