गुरुग्राम में सेक्टर-5 से गुड़गांव स्टेशन तक दौड़ेगी मेट्रो, नए रूट को हरियाण कैबिनेट से मंजूरी
हरियाणा कैबिनेट ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक विस्तार को मंजूरी दे दी है। करीब 1.80 किलोमीटर लंबे इस रूट के निर्माण पर 454.32 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक विस्तार को हरियाणा कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी। सेक्टर-5 से गुड़गांव रेलवे स्टेशन तक मेट्रो मार्ग करीब 1.80 किलोमीटर का होगा। इसके निर्माण पर करीब 454.32 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बता दें कि सामाजिक एवं पर्यावरण अध्ययन नहीं होने की वजह से विश्व बैंक ने मेट्रो विस्तार को ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना से फिलहाल बाहर करने की सिफारिश की थी।
सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत को भी मंजूरी प्रदान की गई। परियोजना में देरी की वजह भी लागत बढ़ने का कारण रही। बैठक में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए विश्व बैंक से कर्ज लेने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस परियोजना के निर्माण को लेकर साल 2019 में तैयाार डीपीआर के मुताबिक पहले 5452.72 करोड़ रुपये की लागत आनी थी, जो छह साल की समयावधि बीतने के बाद निर्माण लागत बढ़कर करीब 8500 करोड़ रुपये हो गई है। मेट्रो परियोजना के निर्माण को लेकर पहले विश्व बैंक और यूरोपीयन बैंक से करीब 2688 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा रहा था। अब निर्माण लागत बढ़ने से कर्ज राशि को बढ़ाया जाएगा।
छह साल में कीमत बढ़ने से लागत बढ़ी
कैबिनेट की बैठक में बताया गया कि साल 2019 में डीपीआर बनने के बाद सितंबर, 2025 में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का निर्माण शुरू हुआ। छह साल में बढ़ी कीमत की वजह से लागत बढ़ी। इसके अलावा जीएसटी दरों में संशोधन, सेक्टर-5 से लेकर रेलवे स्टेशन तक मेट्रो मार्ग का निर्माण, सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण, अतिरिक्त रोलिंग स्टॉक, नमो भारत ट्रेन के रूट में बदलाव आदि शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि निर्माण लागत संरचना में कीमतों में बढ़ोतरी और जीएसटी बदलावों से उत्पन्न संशोधित परियोजना लागत बढ़कर 7098.70 करोड़ रुपये हो गई है। पुरानी डीपीआर में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को रैपिड मेट्रो से जोड़ा नहीं जाना था। दोनों को आपस में जोड़ने पर करीब 947.06 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने की मंजूरी
सेक्टर-5 से गुड़गांव रेलवे स्टेशन तक मेट्रो मार्ग निर्माण पर 454.32 करोड़ की लागत आएगी। पुरानी डीपीआर के तहत सेक्टर-101 में पांच हेक्टेयर में मेट्रो डिपो बनना था, जबकि सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण 22.86 हेक्टेयर में होगा। इसकी वजह से लागत में बढ़ोतरी हुई है। इस बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक समझौते और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने की मंजूरी दी गई। मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज बनने से करीब 25 करोड़ रुपये की लागत बढ़ी।
मेट्रो के कोच बढ़ाने की वजह से भी लागत बढ़ी
जीएमआरएल के एक अधिकारी के मुताबिक हर साल ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण की डीपीआर में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। छह साल की देरी के कारण मेट्रो परियोजना में करीब 2145 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। जीएसटी 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई। मेट्रो के 57 कोच को बढ़ाने से 613 करोड़ की लागत बढ़ी। मेट्रो डिपो के निर्माण में 284 करोड़ की लागत बढ़ी। नौ आईकोनिक स्टेशन निर्माण से 25 करोड़ की लागत बढ़ी।
सेक्टर-45 मेट्रो स्टेशन से बसों का संचालन होगा
सेक्टर-45 मेट्रो स्टेशन को मल्टी मॉडल इंटिग्रेशन हब बनाने के लिए सोमवार को गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) और गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के बीच बैठक हुई। जीएमसीबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने बताया कि इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य दोनों परिवहन सेवाओं को एकीकृत करना है। इससे यात्रियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।




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