गुरुग्राम में अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर, खाली कराई गई 4000 गज जमीन
गुरुग्राम के सुखराली गांव में नगर निगम ने 40 साल पुराने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर करीब चार हजार वर्ग गज जमीन को कब्जा मुक्त कराया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

गुरुग्राम के सुखराली गांव में नगर निगम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जोहड़ की करीब चार हजार वर्ग गज जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया। इस जमीन पर पिछले 40 वर्षों से अवैध कब्जा था जहां लोगों ने घर और दुकानें बना ली थीं। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट यतेंद्र कुमार की देखरेख में चार बुलडोजरों और भारी पुलिस बल की मदद से इन अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया। निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि अब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस जोहड़ का सौंदर्यीकरण किया जाएगा जिसकी मंजूरी मिल चुकी है। स्थानीय पार्षद ने इस सफल अभियान के लिए नगर निगम प्रशासन का आभार जताया है।
गुरुग्राम नगर निगम ने चलाया बुलडोजर
नगर निगम प्रवक्ता के मुताबिक, गांव सुखराली में जोहड़ की जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ शुक्रवार को गुरुग्राम नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की। करीब चार हजार वर्ग गज जमीन को अतिक्रमणमुक्त करवाया। अतिक्रमणकारियों ने करीब 40 साल से इस जमीन पर कब्जा किया हुआ था। यह तोड़फोड़ अभियान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट यतेंद्र कुमार की मौजूदगी में हुआ।
मकानों और दुकानों का हुआ था निर्माण
इस जमीन पर अवैध रूप से मकानों और दुकानों का निर्माण हुआ था। चार बुलडोजर की मदद से तोड़फोड़ हुई। किसी भी तरह के विरोध से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद पर मौजूद रहा। इस मौके पर जेई अंकित कपूर, पटवारी परवीन आदि मौजूद रहे।
जोहड़ का होगा सौंदर्यकरण
नगर निगम के पार्षद अनूप ने इस कार्रवाई पर नगर निगम की मेयर राजरानी मल्होत्रा और नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया का आभार व्यक्त किया। आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि इस जोहड़ का सौंदर्यकरण किया जाएगा। करीब डेढ़ करोड़ रुपये के इस्टीमेट को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
बिल्डर के निदेशकों के खिलाफ केस
फरीदाबाद की सूरजकुंड थाना पुलिस ने अंबाला के एक निवेशक की शिकायत पर मैसर्स कालका होम डेवलपर्स कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, अंबाला निवासी प्रतीक सैनी ने टूबीएचके फ्लैट बुक किया था। फ्लैट की कुल कीमत 25 लाख रुपये थी जिसमें से उन्होंने 1.50 लाख रुपये जमा कर दिए थे। पीड़ित ने निवेश करने के 10 साल बाद भी फ्लैट न मिलने पर पीड़ित ने यह केस दर्ज कराया।
10 साल बाद भी कोई काम नहीं कराया
पीड़ित की ओर पुलिस में दी गई शिकायत में बताया गया है कि इस कंपनी का दफ्तर फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी में है और मुख्य दफ्तर गुरुग्राम में है। पीड़ित का आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर योगेश अग्रवाल, योगेश कुमार, दीपक मंगला और केशव कुमार ने तय समय पर कब्जा देने का वादा किया था लेकिन 10 साल बाद भी प्रोजेक्ट का काम अधूरा है और वहां कोई काम नहीं चल रहा है।




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