गुरुग्राम की 100 कॉलोनियों और सेक्टरों में सुधरेगी पेयजल सप्लाई, GMDA डालेगा नई पाइपलाइन
गुरुग्राम की करीब 100 कॉलोनियों और सेक्टरों में साढ़े 54 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। जीएमडीए ने इस काम को डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नई पाइपलाइन डलने से लोगों पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिलने लगेगा।

गुरुग्राम में रहने वालों के लिए गुड न्यूज है। मिलेनियम सिटी की करीब 100 कॉलोनियों और सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने एक ठेकेदार कंपनी को नई पेयजल लाइन डालने का काम आवंटित कर दिया है। यह काम डेढ़ साल में पूरा होगा और इस पर करीब साढ़े 54 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पेयजल लाइन डलने के बाद कॉलोनियों और सेक्टरों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिलने लगेगा।
जीएमडीए ने बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से द्वारका एक्सप्रेसवे होते हुए पालम विहार, सेक्टर-21, 22, 23, डूंडाहेड़ा, मौलाहेड़ा, उद्योग विहार होते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित डीएलएफ फेज-दो और तीन तक पेयजल की नई लाइन डालने की योजना बनाई थी। इसके तहत एक कंपनी को टेंडर आवंटित कर दिया है। एक जून से यह कंपनी इस टेंडर के तहत काम शुरू कर देगी। अगले सााल दिसंबर माह तक पेयजल लाइन को डाल दिया जाएगा। इसके बाद इस लाइन का ट्रायल किया जाएगा। साल 2028 की गर्मियों में पेयजल सप्लाई बेहतर हो जाएगी।
पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोग टैंकरों पर आश्रित
गांव डूंडहेड़ा निवासी भीम सिंह यादव ने बताया कि उनके गांव में करीब एक लाख की आबादी रहती है। पिछले महीने पांच दिन तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल रहा था। इस वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा था। नई पेयजल लाइन डलने से राहत मिल जाएगी। पालम विहार निवासी राजन ने बताया कि पालम विहार के कई ब्लॉक में गर्मियों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता है। पानी के लिए टैंकरों पर आश्रित रहना पड़ता है। डीएलएफ निवासी मनीष सचदेवा ने बताया कि पिछले पांच साल से गर्मियों में पेयजल संकट हो जाता है। उन्होंने बताया कि चौथी मंजिल की मंजूरी मिलने के बाद कई मकान बन गए। इस वजह से भी पेयजल स्थिति बिगड़ी है। इसे दुरुस्त करने की जरूरत है।
सेक्टर-68 से सेक्टर-80 तक पर्याप्त पानी मिलेगा
जीएमडीए ने सेक्टर-36ए के समीप द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे डाली पाइप लाइन का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस पाइप लाइन के माध्यम से सेक्टर-72 स्थित बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचेगा। इससे सेक्टर-68 से लेकर सेक्टर-80 तक पर्याप्त पानी मिलना शुरू हो जाएगा। सेक्टर-76 से लेकर सेक्टर-80 तक विकसित अधिकांश सोसाइटियों पानी के लिए अभी भूजल या टैंकरों पर आश्रित हैं।
अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए, ''नई पेयजल लाइन डालने का टेंडर आवंटित कर दिया है। अगले डेढ़ साल के अंदर पेयजल लाइन डाल दी जाएगी। इसके बाद पेयजल लाइन के आसपास लगते गांव, कॉलोनियों और सेक्टरों को लाभ मिलेगा।''




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