गुरुग्राम के दो बड़े ट्रैफिक पॉइंट से मिनटों में निकलेंगे आप, अंडरपास बनाने की तैयारी
अंडरपास के बनने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे को आईएमटी मानेसर से जोड़ने वाले मुख्य गलियारे में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। विशेषकर यहां सुबह और शाम के समय लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहता है।

दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से परेशान वाहन चालकों के लिए एक राहत भरी खबर है। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने दादी सती चौक और शहीद राव रंजीत सिंह चौक पर अंडरपास बनाने का फैसला किया है। खास बात ये है कि इन दोनों ही चौक पर फ्लाईओवर निर्माण भी किया जाएगा। इन अंडरपास के बनने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे को आईएमटी मानेसर से जोड़ने वाले मुख्य गलियारे में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। विशेषकर यहां सुबह और शाम के समय लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहता है।
द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाइवे, गुरुग्राम पटौदी रोड और आईएमटी मानेसर से आने वाले वाहनों के वजह से इन दो चौक पर भारी जाम लगता है। हर दिन करीब 50 हजारा से ज्यादा वाहनों की आवाजाही होती है। वहीं पीक आवर्स के दौरान जाम काफी ज्यादा हो जाता है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित एलन मॉल को आईएमटी मानेसर से जोड़ने वाले कॉरिडोर के दोनों चौक के दोनों तरफ तीन लेन के फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
40 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया
GMDA ने दादी सती चौक पर फ्लाईओवर के लिए 40 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है, जो कि अगले हफ्ते तक फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, शहीद राव रणजीत सिंह चौक पर फ्लाईओवर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अगले महीने तक तैयार होने की उम्मीद है। अंडरपास बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए एक सलाहकार (कंसलटेंट) को जिम्मेदारी दी गई है, जो एक महीने में अपनी पूरी रिपोर्ट सौंप देगा।
GMDA एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने क्या बताया?
GMDA एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अभिनव वर्मा ने बताया कि ‘हमने दादी सती चौक पर स्थित रामपुरा रोड पर अंडरपास बनाने की योजना बनाई है। इससे दिल्ली-जयपुर राजमार्ग से गुरुग्राम-पटौदी की ओर आवागमन सुगम होगा। इसके अलावा, शहीद राव रणजीत सिंह चौक पर एक और अंडरपास बनाने की योजना है, जो जयपुर राजमार्ग को पटौदी रोड से जोड़ेगा। फ्लाईओवर और अंडरपास के लिए डीपीआर एक महीने के भीतर जमा होने की उम्मीद है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।’
बहरहाल इस परियोजना के पूरा होने से न केवल वाहन चालकों के समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि चौराहों पर रेंगते वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आने की उम्मीद है।
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