फरीदाबाद में नए पुल के जरिए सेक्टर-45 से जुड़ेगी ग्रीनफील्ड कॉलोनी, कई किलोमीटर का बचेगा चक्कर
फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी और सेक्टर-45 में रहने वाले और सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत पहुंचाने की तैयारी चल रही है। एचएसवीपी इन दोनों जगहों के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए बुढ़िया नाले पर नया पुल बनाने का प्लान है।

फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड कॉलोनी और सेक्टर-45 के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए बुढ़िया नाले पर नया पुल बनाया जाएगा। इसे लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दो साल में पुल निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
ग्रीनफील्ड कॉलोनी और सेक्टर-45 एक-दूसरे से सटे हुए क्षेत्र हैं, लेकिन इनके बीच बहने वाले बुढ़िया नाले के कारण दोनों इलाकों के बीच सीधा संपर्क नहीं है। स्थिति यह है कि लोगों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
अधिकांश लोग सूरजकुंड रोड या नेशनल हाईवे के रास्ते घूमकर आते-जाते हैं। स्थानीय निवासी और आरडब्ल्यूए लंबे समय से दोनों क्षेत्रों के बीच पुल निर्माण की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सीधा संपर्क मार्ग उपलब्ध हो जाए तो रोजाना आने-जाने वाले लोगों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और व्यापारियों को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
इन क्षेत्रों को राहत मिलेगी
डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना का एस्टीमेट बनाया जाएगा और आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। पुल बनने के बाद ग्रीनफील्ड कॉलोनी, सेक्टर-45, सेक्टर-42, सेक्टर-46 और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होने पर अगले दो वर्षों के भीतर पुल का निर्माण पूरा किया जा सकता है। वाहनों की संख्या को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा।
विस्तृत सर्वे कराया जाएगा
एचएसवीपी अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को तकनीकी रूप से मजबूत और व्यवहारिक बनाने के लिए सबसे पहले विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए नियुक्त की जाने वाली विशेषज्ञ एजेंसी स्थल की भौगोलिक स्थिति, नाले की चौड़ाई, जल निकासी व्यवस्था, यातायात के संभावित दबाव और निर्माण संबंधी अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करेगी। इसके आधार पर डीपीआर तैयार की जाएगी। डीपीआर में पुल की लंबाई, चौड़ाई, डिजाइन, अनुमानित लागत, निर्माण सामग्री, सुरक्षा मानक और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। एजेंसी केवल रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परियोजना के निर्माण के दौरान भी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराएगी।
संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, एचएसवीपी, ''सेक्टर-45 और ग्रीनफील्ड कॉलोनी के बीच बुढ़िया नाले पर पुल निर्माण की योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए विशेषज्ञ एजेंसी को नियुक्त किया जा रहा है, जो सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद निर्माण संबंधी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।''




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