NCR में 66 अवैध कॉलोनियों पर चलेंगे बुलडोजर? नगर निगम ने ऐक्शन से पहले शुरू किया सर्वे
पूरे एनसीआर में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर ऐक्शन लगातार जारी है। ऐसे में अब फरीदाबाद में सरकारी जमीनों पर बसी 66 अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों पर भी खतरा मंडराने लगा है। नगर निगम ने इन सभी कॉलोनियों में सर्वे का काम शुरू दिया है।

फरीदाबाद में एनआईटी नंबर तीन की नेहरू कॉलोनी में शुरू हुई तोड़फोड़ के बाद नगर निगम अब शहर की सरकारी जमीनों पर बसी अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। निगम ने 66 झुग्गी बस्तियों और अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाने की कार्रवाई शुरू की है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी करने और आगे बुलडोजर कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम कमिश्नर ने करीब एक महीने पहले ही तोड़फोड़ शाखा के अधिकारियों को सरकारी जमीनों पर बसी अवैध कॉलोनियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत विभिन्न विभागों की जमीनों पर बसी कॉलोनियों का भौतिक सत्यापन करवाने की तैयारी है। अधिकारियों को यह भी पता लगाने को कहा गया है कि कब्जे कब से हैं, वहां कितने परिवार रह रहे हैं और किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सर्वे पूरा होने के बाद प्रत्येक कॉलोनी की अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नेहरू कॉलोनी अब केवल झुग्गी या स्लम बस्ती नहीं रह गई है। यहां बड़ी संख्या में बहुमंजिला मकान, फैक्ट्रियां, गोदाम, दुकानें, स्कूल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हजार से अधिक प्लॉटों पर निर्माण हो चुका है। कई लोगों ने मकान और शेड किराये पर दे रखे हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्रवाई का असर केवल आवासीय परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कारोबार पर भी पड़ेगा।
कार्रवाई के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। निगम का एक पक्ष इसे सरकारी जमीन और हरित क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बता रहा है। वहीं कुछ अधिकारी पुराने अदालती आदेशों का हवाला दे रहे हैं।
नगर निगम फिलहाल सीधे बड़े स्तर की तोड़फोड़ के बजाय दस्तावेजी तैयारी पर जोर दे रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। नेहरू कॉलोनी में चल रही कार्रवाई को शहर की अन्य अवैध कॉलोनियों के लिए संकेत माना जा रहा है।
350 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में करीब 66 ऐसी बस्तियां और कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं, जो विभिन्न सरकारी विभागों की लगभग 350 एकड़ जमीन पर बसी हुई हैं। इनमें नगर निगम, पुनर्वास विभाग, पंचायत और अन्य सरकारी संस्थाओं की भूमि शामिल है। निगम का मानना है कि पहले जमीन की स्थिति और कब्जों का पूरा ब्यौरा जुटाया जाए, ताकि आगे की कार्रवाई कानूनी रूप से मजबूत रहे।
नेहरू कॉलोनी कार्रवाई का पहला केंद्र बना
निगम ने अभियान की शुरुआत नेहरू कॉलोनी से की है। यहां गत शनिवार रात बुलडोजर कार्रवाई के बाद मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। दो दिन रुकने के बाद बुधवार को करीब 300 मकान तोड़े थे, तब से मलबा साफ किया जा रहा है। इसके बाद बुलडोजर चलेगा। उसके बाद भी कुछ हिस्सों में कार्रवाई की संभावना थी, लेकिन विरोध और हंगामे के चलते इसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
मालिकाना हक की जांच में जुटे अधिकारी
नेहरू कॉलोनी की सबसे बड़ी पेचीदगी जमीन के मालिकाना हक को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फैली इस कॉलोनी की जमीन पर अलग-अलग विभाग दावा कर रहे हैं। इनमें पुनर्वास विभाग, नगर निगम, हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड और पंचायत भूमि के हिस्से शामिल बताए जा रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बल्लभगढ़ में कॉलोनी से अतिक्रमण हटाया
फरीदाबाद नगर निगम के बल्लभगढ़ जोन की तोड़फोड़ शाखा ने शनिवार को सेक्टर-3 स्थित 36 वर्ग गज कॉलोनी में अभियान चलाकर मकानों के आगे किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर की सहायता से हटाया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने हल्का विरोध जताया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में निगम का अभियान जारी रहा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की गई। यह अभियान एसडीओ राहुल गिल और कनिष्ठ अभियंता असलम की मौजूदगी में चलाया गया। निगम अधिकारियों ने मकानों के बाहर बनाई गई अवैध चौखटें, रैंप और अन्य निर्माण हटाए। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा।




साइन इन