एप बताएगा कहां खाली है पार्किंग, ग्रेटर नोएडा होने जा रहा है और भी 'स्मार्ट'; जाम का झंझट होगा खत्म!
एजेंसी कमर्शियल एरिया, रेजिडेंशियल सेक्टर्स और मार्केट में इस व्यवस्था का कामकाज देखेगी जहां अक्सर अवैध पार्किंग की समस्या आम है जिससे अक्सर भीड़ जैसी स्थिति बन जाती है और आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।

ग्रेटर नोएडा में पार्किंग से जुड़ी समस्या को खत्म करने के लिए ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने कमर कस ली है। शहर में जल्द ऑटोमेटेड भुगतान (कैशलेस) आधारित पार्किंग सिस्टम व्यवस्था को लागू किया जाएगा जिससे व्यस्त इलाकों में अवैध पार्किंग के वजह होने वाली परेशानी को खत्म किया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी एक एजेंसी को हायर करेगी जो कि स्मार्ट पेड पार्किंग सिस्टम व्यवस्था को लागू करेगी। इन पार्किंग में वाहनों से पेमेंट भी पूरी तरह कैशलेस रखी जाएगी। इसके लिए ऑटोमेटेड व्यवस्था भी कंपनी विकसित करेगी।
एजेंसी कमर्शियल एरिया, रेजिडेंशियल सेक्टर्स और मार्केट में इस व्यवस्था का कामकाज देखेगी जहां अक्सर अवैध पार्किंग की समस्या आम है जिससे अक्सर भीड़ जैसी स्थिति बन जाती है और आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग
नई व्यवस्था में शहर में मौजूद पार्किंग की जगह की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी, कैशलेस भुगतान, वाहनों की सुरक्षा और मॉनिटरिंग तो होगी ही साथ ही रेवन्यू भी बढ़ेगा। अथॉरिटी ने इस काम में दिलचस्पी रखने वाली कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। चुनी गई कंपनी इन पार्किंग वाली जगहों के डिजाइनिंग, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। कंपनी को इस क्षेत्र में कम से कम तीन साल काम करने का अनुभव होना चाहिए। कंपनी 28 मई तक आवेदन कर सकती हैं। कंपनी को पार्किंग में ऐसे कैमरे लगाने होंगे जिससे नंबर प्लेट आसानी से पढ़ी जा सकेगी जिससे जरूरत पड़ने पर अथॉरिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल से डेटा के लिए पुलिस भी मदद ले सकेगी।
कंपनी को पहले पार्किंग की जगहों का सर्वे करना होगा
अधिकारी के मुताबिक ‘चुनी गई कंपनी को शहर में मौजूद मुख्य पार्किंग की जगहों का सर्वे करना होगा और टू-व्हीलर और फो-व्हीलर के लिए उपलब्ध कुल पार्किंग एरिया की डिटेल तैयार करनी होगी। इसके साथ ही कंपनी को पार्किंग वाली जगह पर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बैरियर, सेंसर, सीसीटीवी कैमरा, स्मार्ट साइनेज और ऑटोमेटेड पे-एंड-पार्क कियोस्क लगाने होंगे।’
एप और वेब पोर्टल भी तैयार करेगी कंपनी
अधिकारी ने आगे बताया, 'पार्किंग की जगह की एजेंसी रियल-टाइम बुकिंग और डिजिटल पेमेंट के लिए एक एप और वेब पोर्टल भी तैयार करेगी। पार्किंग व्यवस्था को ठीक से चलाने के लिए वह कर्मचारी तैनात करेगी और लोगों से पार्किंग शुल्क वसूलेगी। इस नई पार्किंग व्यवस्था से जो भी कमाई होगी, उसे अथॉरिटी के साथ साझा किया जाएगा। निगरानी रखने के लिए पार्किंग से जुड़े सारे डेटा को अथॉरिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।'
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